लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर सरकार की तरफ से किरेन रिजिजू और TMC की तरफ से कल्याण बनर्जी ने अपनी-अपनी बात रखी।
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को वक्फ संशोधन बिल 2024 लोकसभा में पेश किया। किरण रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है।
बिल को केंद्र की सरकार में शामिल TDP, JDU और LJP ने समर्थन दिया। शिवसेना UBT सांसद अरविंद सांसद ने अपने भाषण में ये क्लियर नहीं किया कि वे बिल के पक्ष में है या विरोध में।
बिल पर चर्चा में रिजिजू ने 58 मिनट अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने 5 मार्च 2014 को 123 प्राइम प्रॉपर्टी को दिल्ली वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर कर दीं। ऐसा लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अल्पसंख्यक वोटों के लिए किया गया, पर चुनाव हार गए।
रिजिजू ने कहा- अगर हमने आज यह संशोधन बिल पेश नहीं किया होता, तो जिस इमारत में हम बैठे हैं, उस पर भी वक्फ संपत्ति होने का दावा किया जा सकता था। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में नहीं आती तो कई अन्य संपत्तियां भी गैर-अधिसूचित हो गई होतीं।
भाजपा सांसद ने कहा- वक्फ के खौफ से भारत के लोग आजादी चाहते हैं।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने के प्रवक्ता डॉ. सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा, ‘अगर यह बिल संसद में पास हो जाता है, तो हम इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। हम शांतिपूर्ण आंदोलन चलाएंगे।’
केंद्र सरकार वक्फ संशोधन विधेयक पर विपक्ष को बहुत ज्यादा वॉकओवर देने के मूड में नहीं है शायद इसीलिए इसे जल्द ही कानून देने की जुगत में है. इसी कड़ी में अब इसे लोकसभा में रखा गया है और पास कराने की पूरी तैयारी है. विपक्ष इसका विरोध कर रही है तो सरकार इसे पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार की दिशा में उठाया गया कदम बता रही है.
वक्फ संशोधन विधेयक पर भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, “इस विधेयक में वक्फ की जायदाद और मजबूत होगी. इससे किसी को खतरा नहीं होगा. इसमें महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलेगा. वक्फ गरीबों और अनाथों के लिए होता है. इसका लाभ कोई और ले रहा था उनसे जरूर हक छिनेगा और आम मुसलमान तक ये पहुंचेगा. आज वक्फ बिल पास होकर रहेगा.
वक्फ संशोधन विधेयक पर AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, “ये बिल्कुल एक नाजायज बिल है. देश के अंदर झगड़ा कराने के मकसद से, बिहार और बंगाल के चुनाव को देखते हुए ये बिल लाया गया है. इसका मकसद केवल विवाद खड़ा करना है. 2013 में जो बिल पास हुआ था उसका भाजपा ने खुद समर्थन किया था. फिर आप ये बिल क्यों लेकर आ रहे हैं?”
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “वक्फ बोर्ड का जो बिल आया है, हम उसका समर्थन करते हैं…मुस्लिम महिलाओं को फिर एक बार वक्फ बोर्ड में भी जगह देने का काम इस बिल ने किया है. यह बिल किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है…जो गलतियां हुई थीं, उनको सुधारने वाला यह बिल है…”
लोकसभा में कांग्रेस के नेता गौरव गोगोई ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा, “सरकार अल्पसंख्यकों के प्रति सहानुभूति दिखा रही है, लेकिन उनकी डबल इंजन सरकार ने लोगों को सड़कों पर ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी. सबसे पहले, उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि लोकसभा में उनके कितने अल्पसंख्यक सांसद हैं…”
