हरियाणा में कांग्रेस विधायक दल के नेता का चुनाव होने से पहले पार्टी में कलह बढ़ती नजर आ रही है। पार्टी के पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा ने दिल्ली में अपने आवास पर अपने समर्थक विधायकों की इमरजेंसी बैठक बुलाई है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि हुड्डा के समर्थक पार्टी के चुने हुए विधायक उनके आवास पर पहुंचना शुरू भी हो गए हैं।
हुड्डा ने यह बैठक 18 अक्टूबर को चंडीगढ़ में होने वाली कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग से पहले बुलाई है। बताया जा रहा है कि अगले शुक्रवार को होने वाली कांग्रेस की बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा। हालांकि, इसमें हुड्डा का नाम पिछड़ रहा है।
इसलिए, हुड्डा ने अपने समर्थक विधायकों को इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। वह आज शाम को अपने आवास पर बैठक कर अपने विधायकों को अपने पक्ष में ही रहने के लिए तैयार करना चाहते हैं, ताकि बैठक में जब नेता का चुनाव हो तो उसमें खुद हुड्डा या उनके ही गुट का कोई विधायक नेता चुना जा सके।
हुड्डा गुट की टक्कर में सांसद कुमारी सैलजा का गुट नेता विपक्ष के पद पर दावा ठोक रहा है। इसके लिए सैलजा फील्ड में एक्टिव हो गईं हैं और विधानसभा चुनाव में हार से टूट चुके कार्यकर्ताओं और नेताओं को लगातार सांत्वना दे रही हैं।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक हाईकमान फिर से सांसद कुमारी सैलजा को प्रदेश प्रधान बनाने पर विचार कर रहा है। इसकी वजह यह है कि हार के बाद हुड्डा-उदयभान की जोड़ी अपने घरों में कैद हो गई है। वहीं, सैलजा फील्ड में जाकर वर्करों को सांत्वना देती हुईं नजर आ रही हैं।
इसके अलावा हरियाणा विधानसभा में नेता विपक्ष का पद भी उन्हीं के करीबी पूर्व CM भजनलाल के बेटे चंद्रमोहन को दिया जा सकता है। इसे देखते हुए हुड्डा गुट भी एक्टिव हो गया है। हुड्डा गुट ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए SC चेहरे विधायक गीता भुक्कल और नेता विपक्ष के लिए थानेसर से विधायक चुने गए पंजाबी चेहरे अशोक अरोड़ा का नाम आगे कर दिया है।
