रोहतक में मच्छर का डंक लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। जिसका अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि अब तक डेंगू की चपेट में 19 व मलेरिया की चपेट में 2 लोग आ चुके हैं। वहीं, बारिश से होने वाले जलभराव से अक्टूबर और नवंबर का महीना और भी अधिक खतरनाक है। इसलिए अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले में अभी तक 19 डेंगू के केस दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं मलेरिया के 2 केस दर्ज किए जा चुके हैं। मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए घरों व ऑफिस में सर्वे करके मच्छर के लार्वा की जांच की जा रही है। जहां कहीं भी मच्छर का लार्वा मिलता है वहां लोगों को नोटिस थमाए जा रहे हैं। अब तक जिले में विभाग द्वारा कुल 3866 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। साथ ही लोगों को हिदायत दी जा रही है कि वे दोबारा से मच्छर के लार्वा को पनपने न दें।
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला के आदेशानुसार व उप सिविल सर्जन डॉ. मंजू मेहरा के निर्देशन में जिले में VBD (जल जनित बीमारी) का कार्य चल रहा है। जिसके लिए 10 टीमों का गठन किया गया है। ये 10 टीमें जिलेभर में लगातार VBD की रोकथाम के लिए सुचारु रूप से कार्य किया जा रहा है ।
रामलीला के दौरान लोगों को किया जाएगा जागरूक
बरसाती मौसम को ध्यान मे रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष प्रोग्राम के तहत पुरानी ITI ग्राउंड में चल रही रामलीला मंचन के दौरान किया जाएगा। जहां रामलीला का मंचन किया जा रहा है, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम बनाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही एक शिकायत व सुझाव पुस्तिका पूर्व वर्ष की भांति रखी जाएगी, ताकि स्टॉल पर विजिट करने वाले लोगों से सुझाव और शिकायत दर्ज कराई जा सके। उनका समय रहते समाधान किया जाएगा।
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने अपील की कि वर्तमान में हुई बरसात को ध्यान में रखकर पानी खड़ा रहने की संभावना रहती है। अपने आसपास कहीं भी पानी लंबे समय तक खड़ा ना रहने दें। अगर जल भराव होता है तो अक्टूबर व नवंबर मे डेंगू के केस ज्यादा हो सकते हैं। साथ ही यह भी सावधानी बरतें कि पूरी बाजू के कपड़े पहनकर रखे। सोते समय मच्छर दानी या मॉस्कीटो रिपेलेंट का प्रयोग करें। जैसे ही बुखार का पता लगे तो तुरन्त नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर जांच करवाएं ताकि समय पर इलाज दिया जा सके।

