हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंकज अग्रवाल ने कहा कि दिव्यांग व 85 वर्ष की आयु वर्ग से अधिक के मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें घर से ही मतदान करने की सुविधा प्रदान की है। यह सुविधा वैकल्पिक है। ऐसे मतदाता मतदान केंद्र पर जाकर भी मतदान कर सकते हैं। अग्रवाल ने कहा कि लोकतंत्र में हर मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।
रोहतक में विभिन्न विभागों में आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारियों, बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को घर बैठे मतदान की सुविधा मिलेगी। इसके लिए उन्हें एक फॉर्म भरकर देना होगा। सरकारी कर्मचारियों को जहां फॉर्म-12 डी भरना होगा वहीं दिव्यांग और 85 वर्ष की उम्र पार चुके मतदाताओं को फॉर्म-12 बी भरना होगा। ये जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि सभी बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि जो मतदाता सूची उन्हें दी गई है। इसमें से मृत मतदाताओं को चिह्नित किया जाए। ताकि उनका नाम लिस्ट से हटाया जा सके। इसके अलावा जो विकलांग और 85 साल से अधिक उम्र के मतदाता हैं उनके घर में जाकर पता करें कि वह घर से मतदान करेंगे या मतदान केंद्र पर आएंगे। जो पात्र मतदाता घर से वोट करना चाहते हैं उनके वोट घर से डलवाने के लिए सुपरवाइजरों की ड्यूटी रहेगी। डीसी ने बताया कि विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण कराने के लिए बीएलओ की अहम भमिका रहती है। सभी बीएलओ ईमानदारी और निष्ठा से इसका निर्वहन करें। आदर्श चुनाव आचार संहिता के चलते सरकारी विश्राम गृहों, डाक बंगलों या अन्य सरकारी आवासीय परिसरों का उपयोग करने का सत्ताधारी पार्टी या उसके उम्मीदवारों का एकाधिकार नहीं होगा। ऐसे परिसरों का उपयोग पार्टियों व उम्मीदवारों द्वारा निष्पक्ष ढंग से किया जा सकेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि सरकारी परिसरों का उपयोग विधानसभा 2024 के आम चुनाव के लिए चुनाव प्रचार कार्यालय या चुनाव से संबंधित किसी भी प्रकार की बैठक के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि सिंचाई विश्राम गृह, सर्किट हाउस, डाक बंगला केवल अस्थायी ठहराव के लिए ही उपयोग में लाया जा सकता है। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार राजनैतिक पार्टियों के उम्मीदवारों द्वारा इन परिसरों के अंदर किसी भी प्रकार की औपचारिक व अनौपचारिक बैठक नहीं की जा सकेगी, अगर ऐसा होता है तो यह आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति 48 घंटे से ज्यादा कमरे का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।
उम्मीदवार सरकारी विश्राम गृहों का नहीं कर सकेंगे उपयोग

