शहर के ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र डेरा श्री बाबा लक्ष्मणपुरी जी के प्रांगण में इस बार दीपावली पर्व का रंग अत्यंत खास और अलौकिक नजर आ रहा है। शनिवार को छोटी दीपावली के पावन अवसर पर डेरा परिसर न केवल रोशनी से नहा उठा, बल्कि यहां धार्मिक आस्था, कलात्मकता और पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा संगम देखने को मिला।
उत्सव की शुरुआत करते हुए श्रद्धालुओं और सेवादारों ने माटी से निर्मित 1100 दीयों को अत्यंत सलीके से सजाकर धरातल पर शुभ दीपावली की एक भव्य आकृति उकेरी। शाम ढलते ही जैसे ही एक-एक कर इन 1100 दीपों को प्रज्ज्वलित किया गया, पूरा प्रांगण दीपों की स्वर्णिम आभा से जगमगा उठा। माटी की सोंधी महक और दीपकों की लौ से बनी यह मनमोहक आकृति वहां मौजूद हर श्रद्धालु का मन मोह रही थी। प्रांगण में मौजूद श्रद्धालुओं ने इस अलौकिक और विहंगम दृश्य को अपने कैमरों में कैद किया।
पहली बार बनेगा महा-दीपोत्सव का कीर्तिमान :
दीपावली उत्सव की इस कड़ी में सबसे बड़ा आकर्षण रविवार को आयोजित होने वाला ‘महा-दीपोत्सव’ होगा। डेरा के उपाचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कपिलपुरी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार को बड़ी दीपावली का पर्व अत्यंत धूमधाम, भव्यता और दिव्य रूप से मनाया जाएगा। स्वामी कपिलपुरी महाराज ने बताया कि डेरा के इतिहास में पहली बार ऐसा विशाल दीपोत्सव आयोजित किया जा रहा है, जिसमें एक साथ 21,000 (इक्कीस हजार) माटी के दीये प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले डेरा प्रांगण में इतने बड़े पैमाने पर दीप प्रज्ज्वलन कभी नहीं हुआ है। यह ऐतिहासिक क्षण रोहतक शहर और आसपास के श्रद्धालुओं के लिए अपने आप में अद्वितीय और अविस्मरणीय रहेगा।
वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी का दिया संदेश :
इस आयोजन के माध्यम से डेरा प्रबंधन और श्रद्धालुओं ने समाज को एक बड़ा और प्रेरणादायक संदेश भी दिया है। दीपोत्सव के लिए प्रयोग में लाए जा रहे सभी 21 हजार से अधिक दीये स्थानीय कुम्हारों द्वारा मिट्टी से तैयार कराए गए हैं। यह पहल न केवल प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लाेकल और स्वदेशी अभियान को मजबूती देती है, बल्कि पर्यावरण-अनुकूल यानी ‘ग्रीन दीवाली’ मनाने का भी सीधा संदेश प्रस्तुत करती है। स्वामी कपिलपुरी महाराज ने रोहतक एवं आसपास के समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे रविवार शाम परिवार सहित डेरा प्रांगण में पहुंचकर इस ऐतिहासिक महा-दीपोत्सव का प्रत्यक्षदर्शी बनें और प्रभु कृपा प्राप्त करें।
सेवादारों ने संभाला मोर्चा, तैयारियां पूरी :
21 हजार दीयों के इस विशाल महा-दीपोत्सव को सुचारू और भव्य रूप से संपन्न कराने के लिए डेरा के युवाओं और सेवादारों की कई टीमें दिन-रात तैयारियों में जुटी हुई हैं। पूरे प्रांगण को अलग-अलग सेक्टरों और ब्लॉकों में विभाजित किया गया है, ताकि सभी 21,000 दीयों को एक साथ समय पर और व्यवस्थित ढंग से प्रज्ज्वलित किया जा सके। रविवार शाम मुख्य आरती और पूजा-अर्चना के तुरंत बाद यह महा-दीपमाला प्रज्ज्वलित की जाएगी, जिसकी सुरक्षा और व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
