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शहीद उधम सिंह की पिस्तौल भारत लाने की मांग: वकील एचसी अरोड़ा ने CM भगवंत मान को भेजा लेटर

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट एवं समाजसेवी एचसी अरोड़ा ने शहीद उधम सिंह की पिस्तौल समेत अन्य सामान इंग्लैंड से वापस लाने की मांग मुख्यमंत्री भगवंत मान से की है। एचसी अरोड़ा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेटर भेजा है। इसमें मांग की गई है कि इंग्लैंड से शहीद उधम सिंह की निजी चीजें वापस लाई जाएं। उन्होंने कहा कि शहीद उधम सिंह की निजी वस्तुएं मेट्रोपोलिटन पुलिस, लंदन के कब्जे में हैं। इनमें रिवॉल्वर, एम्युनिशन, चाकू, गोला-बारुद और डायरियां शामिल हैं।

एडवोकेट अरोड़ा ने कहा है कि 100 साल पूरे होने के बाद भी शहीद उधम सिंह का सामान वापस नहीं लाया जा सका। ऐसे में मुख्यमंत्री भगवंत मान केंद्र सरकार के जरिए यूके सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाएं।

इस सामान को लंदन से वापस लाने को लेकर एडवोकेट अरोड़ा ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की थी। उसमें केंद्र सरकार और अन्यों को पार्टी बनाया गया था। इसमें मांग की गई थी केंद्र सरकार को आदेश दिए जाए कि वह ब्रिटिश सरकार से इस संबंध में बात करे। मामले में केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन द्वारा हाईकोर्ट में दिए आश्वासन के बाद केस का 17 जनवरी, 2017 को निपटारा कर दिया था।

जैन ने कहा था कि केंद्र यूके सरकार से इस संबंध में संतोषजनक और मैत्रीपूर्ण ढंग से हल तलाशेंगे। ऐसे में हाईकोर्ट ने उम्मीद जताई थी कि सरकार शहीद उधम सिंह का सामान वापस लाने की दिशा में भरपूर प्रयास करेगी। 13 अप्रैल, 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड के 100 वर्ष पूरे होने तक इस दिशा में सार्थक हासिल हो पाएगा।

अरोड़ा के मुताबिक लंदन में भारतीय हाई कमीशन द्वारा यूके सरकार के फॉरेन एंड कॉमनवेल्थ ऑफिस को 13 दिसंबर, 2016 को लिखे पत्र की जानकारी भी दी थी। इसमें यूके सरकार से अपराध में शामिल हथियारों के साक्ष्यों के रुप में रखने संबंधी पॉलिसी में बदलाव की मांग की गई थी। इसमें शहीद उधम सिंह द्वारा जलियांवाला बाग कांड का बदला लेने के लिए इस्तेमाल किए गए थे। उन हथियारों व अन्य सामान को वापस किए जाने की मांग रखी गई थी। इससे पहले यूके सरकार ने मार्च 2004 में ऐसी ही एक मांग को ठुकरा दिया था। 31 जुलाई, 1940 को शहीद उधम सिंह को ब्रिटिश सरकार ने मौत की सजा दी थी।

20 फरवरी, 2013 को यूके के तत्कालीन प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने जलियांवाला बाग के विजिट के दौरान एक बयान दिया था कि वह नरसंहार ब्रिटिश इतिहास में सबसे शर्मनाक घटना है। याचिका में अरोड़ा ने सरकारी जानकारी के आधार पर कहा था कि पंजाब सरकार शहीद उधम सिंह का एक शहीदी स्मारक भी बनाना चाहती थी जिसमें उनसे जुड़ी चीजें रखी जा सकें।

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