चंडीगढ़। हरियाणा में सफाई कर्मचारियों को दीपावली से पहले ₹525 की उपहार राशि और मिठाई देने तथा अक्टूबर महीने का वेतन 6 नवंबर तक जारी करने की मांग उठी है। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने इस संबंध में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर सभी संबंधित विभागों और निकायों को स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की है।
संघ ने कहा है कि हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग ने भी दीपावली पर सफाई कर्मचारियों को ₹525 की टोकन राशि और मिठाई देने की सिफारिश की है। इसके अलावा कर्मचारियों का वेतन समय पर देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
50 हजार कर्मचारियों को लाभ नहीं मिलने की शिकायत
नगरपालिका कर्मचारी संघ का दावा है कि प्रदेश में नियमित और अनियमित मिलाकर करीब 50 हजार सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। संघ के अनुसार, उसे शिकायतें मिल रही हैं कि नगरपालिकाओं, नगर परिषदों, नगर निगमों और अन्य सरकारी विभागों के अधिकारी आयोग की सिफारिशों के अनुसार कर्मचारियों को लाभ देने से इनकार कर रहे हैं।
संघ ने इसे अनुचित बताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करने की मांग की है।
इन श्रेणियों के कर्मचारियों को लाभ देने की मांग
नगरपालिका कर्मचारी संघ ने मांग की है कि दीपावली का उपहार और अन्य लाभ सभी श्रेणियों के सफाई कर्मचारियों को दिए जाएं। इनमें शामिल हैं:
- नियमित कर्मचारी
- पालिका रोल पर कार्यरत कर्मचारी
- दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी
- हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मचारी
- अनुबंधित कर्मचारी
- डोर-टू-डोर सफाई कर्मचारी
- अंशकालिक कर्मचारी
- ठेकेदारों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी
संघ ने सीवरमैन और निकायों के अन्य कर्मचारियों को भी दीपावली का लाभ देने की मांग उठाई है।
6 नवंबर से पहले वेतन देने की मांग
संघ ने सभी शहरी स्थानीय निकायों से अक्टूबर महीने का वेतन 6 नवंबर से पहले जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि नियमित, अनियमित, डोर-टू-डोर, सीवर और सफाई ठेकों में लगे कई कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है।
संघ ने आरोप लगाया कि कई नगर पालिकाओं, परिषदों और नगर निगमों में ठेकेदार कर्मचारियों के वेतन भुगतान में लापरवाही कर रहे हैं।
‘कम से कम दिवाली पर तो आनाकानी न करे सरकार’
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान नरेश शास्त्री ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहरों और संस्थानों को स्वच्छ रखने के लिए लगातार मेहनत करते हैं। त्योहार के मौके पर उन्हें समय पर वेतन और उपहार राशि देने में टालमटोल नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से अपील की कि कम से कम दीपावली के अवसर पर कर्मचारियों को उपहार राशि और मिठाई देने में आनाकानी न की जाए। साथ ही अन्य सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों को भी आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि कर्मचारी अपने परिवार के साथ सम्मानपूर्वक दीपावली मना सकें।
