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मनीषा मौत केस में न्याय की मांग: 7 जून को भिवानी में खापों की महापंचायत, परिवार करेगा बड़ा ऐलान

भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी लेडी टीचर मनीषा मौत मामले में खुलासे की मांग को लेकर 7 जून को गांव में महापंचायत बुलाई है। जिसमें प्रदेशभर की खापों को बुलाया गया है। इस महापंचायत में आगे की रणनीति बनाई जाएगी और फैसला लिया जाएगा।

मनीषा के पिता संजय ने कहा कि CBI की जांच भी हो चुकी है। लेकिन इतनी लंबी जांच के बाद भी खुलासा अभी तक नहीं किया गया। जल्दी से जल्दी CBI खुलासा करे और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए।

लेकिन बार-बार अल्टीमेटम देने के बाद भी खुलासा नहीं हुआ। जिसके कारण 7 जून को महापंचायत करके अंतिम फैसला लिया जाएगा और बेटी को न्याय दिलाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

सर्वजातीय श्योराण खाप 84 के प्रधान कर्मवीर फरटिया ने पत्र जारी किया है। जिसमें सभी कन्नी प्रधान या सचिव को सूचित करते हुए कहा कि कन्नी बुढ़ेड़ा के प्रधान सतबीर सिंह की ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ है। जिसमें बताया कि गांव ढाणी लक्ष्मण की बेटी मनीषा की मौत के मामले में एक महापंचायत की जानी है।

ताकि मनीषा को न्याय दिलवाया जा सके। बुढ़ेड़ा कन्नी प्रधान के पत्र की मंत्रणा के बाद विचार-विमर्श करके यह फैसला लिया गया है कि 7 जून रविवार को सुबह करीब 11 बजे गांव ढाणी लक्ष्मण के पंचायतघर में सर्वजातीय श्योराण खाप 84 की महापंचायत बुलाई गई है।

पंचायत में हरियाणा स्तर की सभी खापों के प्रधानों सहित सभी समाज के मौजीज व्यक्तियों को लिखित पत्र द्वारा आमंत्रित किया है। महापंचायत में मनीषा मौत मामले में हरियाणा सरकार द्वारा CBI जांच कमेटी की जांच सरकार द्वारा दी गई निर्धारित समय अवधि बीत जाने के बाद भी कोई खुलासा नहीं करने पर मनीषा को न्याय दिलवाने के लिए अपने-अपने विचार रखे और आगामी रणनीति तय करके बेटी मनीषा को न्याय दिलाया जा सके।

पिता संजय ने बताया था कि उसकी बेटी मनीषा 11 अगस्त को प्ले स्कूल में ड्यूटी पर गई थी। इसके बार वह नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कहकर गई थी। जिसके बाद मनीषा घर नहीं लौटी। इसके बाद 13 अगस्त को मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में पड़ा हुआ मिला।

इसके बाद परिवार ने हत्या का आरोप लगाया और पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। लोगों ने मनीषा को न्याय दिलाने के लिए धरना प्रदर्शन किया। 18 अगस्त को पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया। इसके बाद लोगों का विरोध बढ़ गया। बढ़ते आंदोलन को देखते हुए मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम करवाया और जांच CBI को सौंप दी।

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