Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

रोहतक के PGI में बीजीए मशीन लगाने की 4 बार डिमांड की जा चुकी, नहीं हो रहा समाधानमरीजों को हो रही परेशानी

रोहतक के पीजीआई में प्रक्रिया में देरी के कारण मरीजों की परेशानी बढ़ाई हुई है। कंपनी से बीजीए मशीन के खर्च मिलने के बावजूद इमरजेंसी में मशीन नहीं बढ़ाई गई है। कई बार डिमांड के बाद कर्मचारियों ने कोटेशन पूछी गई है। जबकि इस बीच रोजाना मरीजों को घंटों में कतार में खड़े रहना पड़ रहा है। पीजीआई में अलग-अलग विभागों में मरीजों के टेस्ट करने के लिए 5 बीजीए मशीनें लगाई गई हैं। इसमें मशीन की कंपनी से करार के अनुसार पीजीआई को केवल मशीन के लिए जरूरत केमिकल का खर्च उठाना पड़ता है।मशीन से 500 मरीजों का टेस्ट करने के लिए करीब 25 हजार रुपए का केमिकल खर्च होता है। इसे पीजीआई को वहन करना पड़ता है। जबकि मशीन कंपनी की तरफ से केमिकल खरीदने की एवज में दी जाती है। कर्मचारियों का तर्क है कि जब पहले 5 मशीन ली गई तो फिर दूसरी मशीन क्यों नहीं ली जा सकती। जबकि इससे खर्च तो पहले की बराबर ही रहेगा।

इसमें पिछले कई माह से इमरजेंसी में बीजीए मशीन पर करीब 1500 टेस्ट प्रतिदिन करने का दबाव है। इस मशीन पर दबाव के कारण 3 शिफ्ट में कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है। फिर भी दबाव के कारण कर्मचारियों की तरफ से दूसरी मशीन लगाने की डिमांड पिछले करीब 6 माह में 4 बार की जा चुकी है। इसके बावजूद कुछ नहीं हुआ। जबकि इसमें पीजीआई को केवल केमिकल का खर्च उठाना है। डिमांड करते ही कंपनी मशीन दे सकती है।पिछले सप्ताह पीजीआई प्रशासन ने इमरजेंसी में लेटर भेजकर मशीन और केमिकल के लिए कोटेशन पूछी, लेकिन आगे की प्रक्रिया धीमी होने के कारण स्थिति नहीं बदली है। वैसे तो एक मरीज को 10 मिनट में रिपोर्ट दे सकती है, लेकिन अधिक दबाव के कारण रिपोर्ट को लेने में 4-5 घंटे तक लग रहे हैं।

Exit mobile version