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रोडरेज में जान गंवाने वाले दिल्ली डिपो के चालक के बेटे ने शमशान स्थल पर निगला जहर

रोडरेज में थार जीप से कुचलकर मारे गए रोडवेज चालक के छोटे बेटे ने बुधवार को जहरीला पदार्थ निगल लिया। दोपहर में उसने बस अड्डे के पास से सल्फास की गोली खरीदी और श्मशान स्थल पर पहुंचकर उसे निगल लिया। फिर उसने खुद ही घर पहुंचकर इसकी जानकारी। स्वजन ने उसे गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।

स्वजन का आरोप है कि पिता की मौत और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर सदमे व तनाव की वजह से उसने जहरीला पदार्थ निगला है। सलीमसर माजरा के रहने वाले हरियाणा रोडवेज के चालक जगबीर सिंह फिलहाल परिवार सहित शहर के सरस्वती विहार में रहते थे। उनकी तैनाती दिल्ली में हरियाणा डिपो पर थी।

मंगलवार सुबह ड्यूटी पर जाने के दौरान जिस बस में वह सवार थे, उसका साइड देने को लेकर थार गाड़ी सवार युवकों से विवाद हो गया था। कुंडली के पास थार सवार युवकों ने बस को रुकवा लिया। युवकों से बातचीत के लिए जगबीर साथियों के साथ जैसे ही नीचे उतरे, थार ने उन्हें कुचल दिया और इससे उनकी मौत हो गई थी।

स्वजन के अनुसार बुधवार को दूसरे दिन भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने और परिवार को किसी तरह की आर्थिक सहायता का आश्वासन नहीं मिलने से चालक जगबीर सिंह का छोटा बेटा संदीप मानसिक रूप से परेशान था। इसके चलते उसने यह कदम उठाया।

इस पूरे मामले को लेकर एसएचओ, थाना सीटी के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि रोडवेज ड्राइवर के बेटे संदीप ने दोपहर में श्मशान स्थल पर जहर निगल लिया। उसको स्वजन ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

वहीं दूसरी तरफ रोडवेज चालक की थार गाड़ी से कुचलकर हत्या करने वाले आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रशासन को दिया गया 24 घंटे का अल्टीमेटम बुधवार को समाप्त हो गया। आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के पदाधिकारियों ने बुधवार को सोनीपत डिपो पर बैठक की।

बैठक में पहले प्रदेशभर में चक्का जाम का निर्णय लिया गया था, लेकिन बाद में प्रदेश पदाधिकारियों से बातचीत में पता चला कि बृहस्पतिवार को परिवहन विभाग के महानिदेशक के साथ बैठक होगी। इसलिए चक्का जाम करने के निर्णय को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।

मोर्चा के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष मंजीत पहल ने बताया कि पुलिस ने शुरू से ही मामले को गंभीरता से नहीं लिया। दूसरे दिन आरोपितों की गिरफ्तारी होना तो दूर, पुलिस गाड़ी का भी पता नहीं लगा पाई। उन्होंने सरकार से मृतक चालक जगबीर के परिवार को एक सदस्य को नौकरी और 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, आरोपितों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए, घटना में घायल कर्मचारियों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की मांग है।

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