रोहतक जिला परिषद चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए 10 पार्षदों ने डीसी अजय कुमार को ज्ञापन सौंपा था।
जिसके बाद डीसी अजय कुमार ने 23 अक्टूबर को वोटिंग का समय तय किया और पार्षदों को वोटिंग के लिए विकास भवन स्थित डीआरडीए हॉल में बुलाया था। लेकिन डीसी के नहीं पहुंचने के कारण यह वोटिंग टाल दी गई और अब डीसी ने पत्र जारी कर कहा है कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए 30 अक्टूबर को वोटिंग होगी।
23 अक्टूबर को वोटिंग स्थगित होने के बाद पुलिस ने विकास भवन में खड़ी गाड़ियों की चेकिंग की तो उनमें से 5 हथियार मिले। जिसके बाद माहौल गर्माया। वहीं चेयरपर्सन मंजू हुड्डा के एक समर्थक अमित कुमार घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हुए और पार्षदों पर मारपीट करने के आरोप लगाए।
इससे पहले मंजू हुड्डा और उनके पति राजेश सरकारी पर पार्षद नीलम के बेटे को किडनैप करने के भी आरोप लगे थे। जिसे दोनों ने ही नकार दिया था। बता दें कि चेयरपर्सन मंजू हुड्डा इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ BJP उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था।
हालांकि वह हार गई थीं। करीब 2 साल पहले रोहतक जिला परिषद का चुनाव हुआ था, जिसमें पहली बार जीतकर आईं मंजू हुड्डा को चेयरपर्सन बनाया गया था। चेयरपर्सन बनने के बाद मंजू हुड्डा ने भाजपा का दामन थाम लिया।
रोहतक से भाजपा की जिला परिषद चेयरपर्सन मंजू हुड्डा की कुर्सी पर फैसला 30 अक्टूबर को होगा। इससे पहले चेयरपर्सन के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 23 अक्टूबर को वोटिंग होनी थी। लेकिन उस वोटिंग को टाल दिया गया था। वहीं बैठक में पहुंचे पार्षदों ने राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया था। इस दौरान जिला विकास भवन में गई गाड़ियों में हथियार भी मिले थे।

