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काशी विश्वनाथ धाम दर्शन करने आए तीन श्रद्धालुओं की मौत, महाकुंभ के कारण बढ़ी भीड़ से बढ़ा दबाव

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में मंगलवार को दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार बहुत लंबी हो गई थी। यह लंबी कतार पहले के स्नान पर्वों से कहीं ज्यादा थी, जिससे श्रद्धालु घंटों तक खड़े रहे। इस दौरान कई श्रद्धालु अचेत होकर गिर पड़े। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इन लोगों का प्राथमिक उपचार किया और गंभीर हालत में तीन श्रद्धालुओं को मंडलीय अस्पताल भेजा गया। लेकिन यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतकों में नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली की शक्ति माथुर, सिलीगुड़ी के मुन्ना लाल और छपरा-बिहार के संजय शाह शामिल हैं। ये सभी प्रयागराज महाकुंभ से काशी दर्शन के लिए आए थे। इनके साथ आए लोग शव लेकर अपने-अपने घर वापस चले गए। इसके अलावा, मुजफ्फरनगर-बिहार के विजैल सेन का स्वास्थ्य भी बिगड़ा था और उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

महाकुंभ के कारण काशी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। इस वजह से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर और आसपास की सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई है। गलियों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ जमा है। इससे दशाश्वमेध घाट और अन्य गंगा घाटों पर होने वाली सांध्य गंगा आरती को स्थगित कर दिया गया। हालांकि, आरती का आयोजन सांकेतिक रूप से किया जाएगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे गंगा आरती देखने के लिए घाट पर न आएं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और गर्मी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा शिविर लगाए हैं। उच्च रक्तचाप, घबराहट, बेचैनी और थकान से परेशान श्रद्धालु इन शिविरों में आ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, बहुत से श्रद्धालु अधिक पैदल यात्रा करने और सही खानपान के बिना यात्रा करने के कारण थकावट का सामना कर रहे हैं। इसलिए, स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की है।

डॉक्टरों ने श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान खानपान और विश्राम का ध्यान रखने की सलाह दी है। उनका कहना है कि यदि कोई गंभीर बीमारी से पीड़ित हो, तो वह अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही यात्रा पर जाएं। साथ ही, यात्रा के दौरान तरल पदार्थों का सेवन और पौष्टिक भोजन लेना जरूरी है ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।

इससे पहले भी महाकुंभ के कारण काशी में श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने के कारण गंगा आरती को स्थगित किया गया था। पांच फरवरी तक दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती को स्थगित कर दिया गया था।

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