रोहतक के सेक्टर-4 स्थित हरिओम सेवादल का सहारा आश्रम पीजीआई में बेसहारा मरीजों की देखभाल करता है। इनमें से पिछले 15 दिनों में 7 मरीजों की मौत हो गई। जिसके चलते आश्रम चर्चा में आ गया। 15 दिनों में मरने वाले 7 लोगों में से 6 की मौत रोहतक पीजीआई में इलाज के दौरान हुई।
जबकि एक मरीज की मौत आश्रम में हुई। पीजीआई में भर्ती मरीज हादसों में घायल हुए थे। उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। इसलिए 6 लोगों की मौत हो गई। आश्रम प्रशासन ने मरीजों के बेहतर इलाज का दावा किया है। जबकि आश्रम में डायलिसिस के एक मरीज की मौत हो गई।
हरिओम सेवादल का सहारा आश्रम पीजीआईएमएस में आने वाले असहाय मरीजों की देखभाल करता है। जिससे उन मरीजों का न सिर्फ डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जाता है बल्कि उनकी सेवा भी की जाती है। लेकिन इस साल जुलाई में एक दिन में तीन मरीजों की मौत हो गई। अब 15 दिन में सात मरीजों ने दम तोड़ दिया है।
मरने वाले 7 लोगों में से कैलाश नाम के एक मरीज की मौत शुक्रवार को हुई। जबकि 6 की मौत 5 से 15 अक्टूबर के बीच हुई। हालांकि, ये मरीज पीजीआई में भर्ती थे और वहीं उनका इलाज चल रहा था।
संस्थान के संचालकों का दावा है कि वे मरीजों की देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे, लेकिन ये मरीज हादसे में बुरी तरह से घायल हो गए थे, जिनमें किडनी और लीवर के अलावा शरीर के अंदर के कई अंग भी लगभग अंतिम अवस्था में थे। जिसके चलते उनकी मौत हो गई। 10 जुलाई को हरिओम सेवादल के सहारा आश्रम में एक साथ तीन लोगों की मौत हो गई।
रोहतक स्थित सहारा आश्रम के संचालक संजय खुराना ने बताया कि उनके आश्रम में केवल कैलाश नाम के एक व्यक्ति की मौत हुई है। उसकी किडनी फेल हो गई थी और वह डायलिसिस करवा रहा था। उसका शरीर भी काफी कमजोर हो गया था।
जिसके चलते उसकी मौत हो गई। जबकि अन्य लोग दुर्घटना में घायल होकर आए थे। जिनका उपचार रोहतक पीजीआई में चल रहा था। दुर्घटना में घायल होने के कारण उसकी मौत हो गई। आश्रम में सभी का अच्छे से ख्याल रखा जाता है।
