रोहतक के सेक्टर-4 में जेएलएन नहर में नहाते वक्त युवक डूब गया। युवक का शव 27 घंटे बाद मौके से डेढ किलोमीटर दूर नहर में मिला। युवक के शव की परिजनों ने शिनाख्त की। पुलिस ने शव को पीजीआई भिजवाया। जहां उसका पंचनामा भरवा कर शवगृह में रखवा दिया गया है। शव का मंगलवार को पोस्टमॉर्टम होगा। पुलिस ने युवक के साथ नहर पर नहाने गए युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिस दौरान युवकों की नहर किनारे बैठकर पहले शराब पार्टी करने का खुलासा हुआ।
दोस्त के साथ घर के बाहर से बाइक पर सवार होकर गया था विक्की
जानकारी देते हुए गोपाल ने बताया कि वह भिवानी चुंगी स्थित शिव नगर का रहने वाला है। उसका भाई विक्की (28) एक फैक्ट्री में काम करता था। शनिवार को वह फैक्ट्री में नाइट ड्यूटी पर था। रविवार सुबह करीब 10 बजे वह घर पर आया। घर आते ही उसके मोबाइल फोन पर उसके दोस्तों का फोन आया, जिनको वह यह कह रहा था कि ठीक है मैं आ रहा हूं। मैंने बैग रख दिया है, तू बाइक लेकर गली में आजा। 2 मिनट बाद उसका दोस्त गली में बाइक लेकर आ गया। मां बसंती ने पूछा कि कहा जा रहा है, तो उसने कहा था कि वह अभी आ जाएगा। इसके बाद वह घर से अपने दोस्त के साथ बाइक पर सवार होकर चला गया।
दोपहर को विक्की के दोस्त ने दी थी डूबने की सूचना
गोपाल ने बताया कि दोपहर करीब 1 बजे विक्की के नंबर से फोन आया। जिस फोन पर उसका दोस्त बात कर रहा था। जिसने बताया था कि विक्की नहर में डूब गया है। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। दोस्तों ने ही मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस को दोस्तों ने बयान दर्ज करवाए कि वे चार लोग नहर पर बैठकर शराब पार्टी कर रहे थे। इसके बाद वे नहाने लगे तो विक्की नहर में डूब गया। विक्की के नहर में डूबने पर एक दोस्त डर कर वहां से भाग गया। विक्की के मोबाइल फोन पर लॉक लगा हुआ था, जिस वजह उन्होंने मोबाइल की सिम निकाल कर अपने फोन में डाली और परिजनों को सूचित किया।
रविवार को दोपहर 1 बजे पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। यहां गोताखोरों की टीम भी बुलाई गई थी। रविवार को गोताखोरों के पास एक ऑक्सीजन सिलेंडर था, वह भी नहीं चला। जिसके चलते परिजनों ने अपने स्तर पर ही रिस्क उठा कर उसकी नहर में तलाश की थी। सोमवार दोपहर करीब 1 बजे गोताखोर नहर किनारे पहुंचे। नाव भी लाए थे। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किश्ती को किसी तरह नहर में उतारा गया। किश्ती को चलाने की कई कोशिशें की गई, मगर किश्ती नहीं चली। वहीं, प्रशासन हर बार आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए किश्ती, ऑक्सीजन सिलेंडर, गोताखोरों सहित अन्य चीजों की पूर्ण मात्रा के बड़े-बड़े दावा करता है। इस हादसे के बाद प्रशासन के दावों की पोल खुल गई है।

