हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के शहरों और कस्बों में सॉलिड बेस्ड मैनेजमेंट , बरसाती पानी की निकासी, पेयजल और सीवरेज जैसे अंतर-एजेंसी कोआर्डिनेशन से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए, जिलों के डिप्टी कमिश्नर (DC) संबंधित विभागों और अधिकारियों की मंथली कोआर्डिनेशन के लिए एजेंडा तैयार करेंगे।
संबंधित डीसी द्वारा ऐसी मीटिंगों का एजेंडा और मिनट्स डीएमसी के सलाह से तैयार किया जाएगा। साथ ही जिले के प्रभारी प्रशासनिक सचिव के दौरे के समय उनके समक्ष रखा जाएगा। सरकार का यह फैसला गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पंचकूला और हिसार में लागू नहीं होगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से इसको लेकर ऑर्डर जारी किए गए हैं।
हरियाणा सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि सूबे के पांच महानगर विकास प्राधिकरणों वाले शहरों में डेली कोआर्डिनेशन मीटिंग का आयोजन किया जाएगा। इनमें गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण,सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण, पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण, और हिसार महानगर विकास प्राधिकरण शामिल हैं। इन शहरों में सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों की रेगुलर मंथली मीटिंग में सॉलिड बेस्ड मैनेजमेंट को लेकर चर्चा की जाएगी।
जीएमडीए, एफएमडीए और एसएमडीए की ऐसी मंथली मीटिंग प्रधान सलाहकार, शहरी विकास की अध्यक्षता में होंगी। पीएमडीए की मासिक बैठकें नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जबकि एचएमडीए की मासिक बैठकें प्रभारी प्रशासनिक सचिव, हिसार की अध्यक्षता में आयोजित की जाएंगी।
सरकार ने यह निर्णय 17 मार्च, 2025 को जारी निर्देशों की निरंतरता में लिया है। उन निर्देशों में कहा गया था कि प्रदेश के कस्बों और शहरों में एजेंसियों की बहुलता और कोआर्डिनेशन संबंधी मुद्दों पर विचार करते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि जिला प्रशासन, नगर निगम, महानगर विकास प्राधिकरण और शहरी विकास प्राधिकरण में से किसी एक में तैनात सबसे सीनियर ऑफिसर ओवरऑल कोआर्डिनेशन ऑफिसर होगा।
वह सॉलिड बेस्ट मैनेजमेंट, बरसाती पानी की निकासी, पेयजल और सीवरेज जैसे अंतर-एजेंसी समन्वय से जुड़े मुद्दों के लिए उस शहर में तैनात विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों की समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता भी करेगा।
