हरियाणा में इन दिनों भयंकर गर्मी से जूझ रहे हैं। लोगों को मानसून का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। मौसम विभाग ने मानसून आने की डेट फिक्स कर दी है। राज्य में 30 जून को मानसून दस्तक देगा। अच्छी बात यह है कि 25 जून से सूबे में प्री-मानसून की बारिश शुरू हो जाएगी। इससे पहले कई बार मानसून जुलाई के पहले हफ्ते में भी आया है। इधर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक प्रदेश में मौसम आमतौर पर 27 जून तक परिवर्तनशील रहने की संभावना है।

हरियाणा में मौसम विभाग के अनुसार 25 जून रात से 27 जून के दौरान हरियाणा के ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम बदल जाएगा। इस दौरान हवाओं के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम प्री-मानसून बारिश आने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो मानसून के पहले हरियाणा के अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश होगी। यदि इन दिनों बारिश लगातार और अच्छी मात्रा में होती है तो इसे भी मानसून के आगमन का अच्छा संकेत माना जाएगा।

हरियाणा में जीटी बैल्ट के 7 जिलों को तो धान का कटोरा कहा जाता है। हरियाणा में खरीफ की फसलों में सबसे बड़े क्षेत्र में धान की बुआई की जाती है। बारिश को देखते हुए किसान धान की रोपाई में जुट गए हैं। हरियाणा में अगर इसी महीने मानसून दस्तक देता है तो किसानों को इससे बड़ा ही फायदा होगा। हरियाणा में करीब 12 लाख हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई की जाती है। किसानों ने खेतों में भी पानी भरना शुरू कर दिया है।

हरियाणा में लगभग 2 दिन सक्रिय रहने के बाद बिपरजॉय तूफान अब विदा ले चुका है। इसके कारण आधे हरियाणा में तेज हवा के साथ बारिश भी हुई। बारिश के आंकड़ों को यदि हम देखे तो औसतन 2.1 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। कई स्थानों पर हवा की स्पीड भी 60 किलोमीटर दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश कुरूक्षेत्र में हुई, यहां 19.6 एमएम बारिश हुई।

मौसम विभाग ने पहले ही संभावना जता चुका है कि बिपरजॉय के कारण हरियाणा में 91% कम बारिश होगी। प्रदेश में जून में 15.3 एमएम बारिश हुई है, जो सामान्य से 43 प्रतिशत कम है। वैसे इस समय तक 26.9 एमएम बारिश सामान्य मानी जाती है। सूबे के 7 जिलों में सामान्य से बहुत कम, 6 जिलों में कम और 7 जिलों में सामान्य बारिश हुई। दो जिले ऐसे भी रहे जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई।

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