जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज के बाद सोशल मीडिया पर कॉकरोच वाली स्टोरी शेयर करने को लेकर चर्चा में आईं CRPF की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत का सफर इन दिनों सुर्खियों में है। झज्जर जिले के सौलधा गांव की रहने वाली सोनिया का सपना भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी बनने का था। उन्होंने दो बार UPSC की परीक्षा दी और एक बार इंटरव्यू तक भी पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। बाद में उनका चयन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर हुआ।
किरण बेदी थीं रोल मॉडल
सोनिया के पिता ज्ञानप्रकाश सहरावत, जो दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर रह चुके हैं, ने बताया कि बचपन से ही देश की पहली महिला IPS अधिकारी किरण बेदी उनकी बेटी की प्रेरणा थीं। इसी वजह से सोनिया ने UPSC की तैयारी की और पुलिस सेवा में जाने का लक्ष्य बनाया।
DU छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
सोनिया सहरावत ने सोनीपत के राई स्पोर्ट्स स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स में स्नातक किया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) का चुनाव भी लड़ा और छात्र राजनीति में सक्रिय रहीं।
CRPF में बनीं असिस्टेंट कमांडेंट
UPSC में अंतिम चयन नहीं होने के बाद सोनिया का चयन CRPF में हुआ। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग जयपुर में है। इससे पहले वह श्रीनगर में भी तैनात रह चुकी हैं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उन्हें रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के साथ सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई थी।
पूरा परिवार वर्दी और सेवा से जुड़ा
सोनिया के पति मोहित बालियान भी CRPF में कार्यरत हैं। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। उनके एक भाई भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट हैं, जबकि दूसरे भाई कनाडा में रहते हैं। पिता रिटायरमेंट के बाद बहादुरगढ़ में स्कूल चला रहे हैं और मां एक रेस्टोरेंट का संचालन करती हैं।
सोशल मीडिया पर भी बड़ी पहचान
सोनिया सहरावत सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। वह अक्सर डांस, यात्रा, फिटनेस और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े वीडियो और तस्वीरें साझा करती रहती हैं।
जंतर-मंतर घटनाक्रम पर क्या बोलीं सोनिया
एक मीडिया इंटरव्यू में सोनिया सहरावत ने कहा कि जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे, लेकिन कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। उनके अनुसार प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने, जवानों से धक्का-मुक्की करने और पथराव करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी।
महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों पर सोनिया ने कहा कि उनके जवान ऐसा नहीं कर सकते। उनका दावा है कि इस दौरान उन्हें स्वयं भी चोट लगी और कई सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए। वहीं, पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट को लेकर लगातार बहस और प्रतिक्रियाएं जारी हैं।
