हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के अढ़ोनी गांव में 80 वर्षीय पुजारी योगीराज गिरी पर हुए कथित जानलेवा हमले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात का 8 मिनट का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि मुख्य आरोपी पंकज अकेला नहीं था, बल्कि उसकी पत्नी मनप्रीत और एक अन्य साथी भी वारदात में शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, 9 जुलाई सुबह करीब 4:15 बजे पुजारी योगीराज गिरी रोज की तरह शिव मंदिर में आरती की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी पंकज मंदिर पहुंचा। कुछ देर बाद उसकी पत्नी घर से करीब 6 फीट लंबी लाठी लेकर आई और पंकज को थमा दी। लाठी मिलते ही पंकज पुजारी की कुटिया की ओर बढ़ गया, जबकि उसकी पत्नी भी उसके पीछे जाती दिखाई दी।
आरोप है कि पंकज ने पुजारी पर लगातार लाठी से वार किए, जिससे उनकी एक टांग टूट गई। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसने अपने साथी के साथ मिलकर घायल पुजारी के गले में गमछा (परना) डाला और उन्हें गांव की गलियों में घसीटते हुए उनकी कुटिया और फिर चौराहे तक ले गया। वारदात के बाद आरोपी का साथी लाठी को घर की खिड़की के रास्ते अंदर छिपाता भी CCTV में कैद हुआ है।
सुबह करीब 6 बजे जब ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो वहां खून के धब्बे दिखाई दिए। खून के निशानों का पीछा करते हुए ग्रामीणों ने पुजारी को गंभीर हालत में पाया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी टांग का ऑपरेशन कर उसमें रॉड डालनी पड़ेगी।
ग्रामीणों और सरपंच परमजीत सिंह का आरोप है कि मंदिर के सामने स्थित नकोदर पीर की दरगाह के सेवादार पंकज की पुजारी से पुरानी रंजिश थी। उनका कहना है कि पुजारी के दोबारा मंदिर आने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी थी, जबकि दरगाह में भीड़ कम हो गई थी। इसी बात को लेकर आरोपी लंबे समय से नाराज था। हालांकि पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है और अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
थाना सदर थानेसर पुलिस ने मुख्य आरोपी पंकज और उसकी पत्नी मनप्रीत को गिरफ्तार कर लिया है। पंकज को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि मनप्रीत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच का अहम आधार हैं। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
