पलवल जिले में सीआईए के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दीपक गुलिया ने मुठभेड़ के बाद सात हजार रुपए के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गौकशी, चोरी, लूट और डकैती जैसे 40 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं।
हथीन थाना पुलिस ने सीआईए इंचार्ज की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हथीन थाना पुलिस ने सीआईए इंचार्ज की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सीआईए हथीन प्रभारी पीएसआई दीपक गुलिया ने बताया कि उनकी टीम हथीन रेस्ट हाउस चौक पर गश्त कर रही थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि खिल्लुका गांव निवासी मुश्ताक उर्फ हुक्डी हथीन बाईपास रोड से केएमपी की ओर किसी वारदात को अंजाम देने जा रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने सात हजार रुपए का इनाम घोषित किया हुआ था।
सूचना मिलते ही टीम हथीन बाईपास पहुंची। कुछ देर बाद एक युवक बाइक पर आता दिखाई दिया। रात होने के कारण पुलिस ने टॉर्च की रोशनी से रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी। पुलिस ने पीछा किया तो आरोपी ने कौंडल गांव के पास बाइक को खेतों के कच्चे रास्ते में उतार दिया। रास्ता ऊबड़-खाबड़ होने से बाइक गिर गई।
पुलिस ने आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन आरोपी ने धमकी दी कि पास मत आना, वरना गोली मार दूंगा। इसके बाद उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। एक गोली पुलिस की सरकारी गाड़ी के बोनट पर लगी, जबकि दूसरी गोली से एसआई यासीर ने झुककर अपनी जान बचाई।
आत्मरक्षा में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दीपक गुलिया और एसआई यासीर ने अपनी सरकारी पिस्टल से एक-एक फायर किया, जिसमें एक गोली मुश्ताक उर्फ हुक्डी के पैर में लगी। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को काबू कर लिया और अस्पताल में भर्ती कराया। आरोपी के कब्जे से अवैध हथियार बरामद किया गया है।
सीआईए प्रभारी दीपक गुलिया ने बताया कि आरोपी मुश्ताक उर्फ हुक्डी के खिलाफ हरियाणा, यूपी और राजस्थान के विभिन्न थानों में गौकशी, चोरी, लूट और डकैती के 40 से अधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस को कई बार चकमा दे चुका था। उसकी गिरफ्तारी के लिए सीआईए और एसटीएफ की टीमें लगातार प्रयासरत थीं।
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दीपक गुलिया ने बताया कि आरोपी को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान उससे उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जाएगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुठभेड़ के समय आरोपी अपने साथियों के साथ केएमपी पुल के पास किसी वारदात को अंजाम देने जा रहा था, लेकिन पुलिस की तत्परता से वारदात टल गई।

