Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़कों पर उतरा CPIM:भिवानी में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, बोले- उनका जीवन बचाएं, शिक्षा मंत्री का लें इस्तीफा

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हो रहा विरोध प्रदर्शन अब 25वें दिन में प्रवेश कर चुका है। 59 साल के सोनम वांगचुक 28 जून को इस प्रदर्शन में शामिल हुए और अभियान के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कई मशहूर हस्तियों ने उन्हें समर्थन दिया है। इनमें अभिनेता, लेखक और राजनेता शामिल हैं। इन्होंने वांगचुक के प्रति अपना समर्थन जताया है और उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है।

-अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री

-ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री

-शशि थरूर, तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद

-उद्धव ठाकरे, शिवसेना-यूबीटी के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री

-अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री

-आतिशी, कालकाजी से आप विधायक और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री

-महुआ मोइत्रा, पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से टीएमसी सांसद

-जॉन ब्रिटास, सीपीआई(एम) नेता और राज्यसभा सांसद

-सागरिका घोष, टीएमसी नेता और राज्यसभा सांसद

-प्रिया सरोज, समाजवादी पार्टी की सांसद

– रोहित पवार, एनसीपी-एसपी विधायक

-साकेत गोखले, टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व राज्यसभा सांसद

-अनीश गवांडे, एनसीपी-एसपी प्रवक्ता

शबाना आज़मी, अभिनेत्री

-जीनत अमान, अभिनेत्री

-प्रकाश राज, अभिनेता

-चिन्मयी श्रीपदा, गायिका

-वीर दास, हास्य अभिनेता

-ओमी वैद्य, अभिनेता

-अरुंधति रॉय, लेखिका

-नसीरुद्दीन शाह, अभिनेता

-रत्ना पाठक शाह, अभिनेत्री

-सोनी राजदान, अभिनेत्री

-स्वरा भास्कर, अभिनेत्री

शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी है। वे पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनकी बिगड़ती सेहत के बीच कई नेता और अभिनेता उनके समर्थन में आए हैं और उनसे अपना उपवास खत्म करने की अपील की है।

वांगचुक का समर्थन करने वाले नेता

-अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री

-ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री

-शशि थरूर, तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद

-उद्धव ठाकरे, शिवसेना-यूबीटी के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री

-अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री

-महुआ मोइत्रा, पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से टीएमसी सांसद

-जॉन ब्रिटास, सीपीआई(एम) नेता और राज्यसभा सांसद

-सागरिका घोष, टीएमसी नेता और राज्यसभा सांसद

-प्रिया सरोज, समाजवादी पार्टी की सांसद

– रोहित पवार, एनसीपी-एसपी विधायक

-साकेत गोखले, टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व राज्यसभा सांसद

वे हस्तियां जिन्होंने वांगचुक को समर्थन दिया

-शबाना आज़मी, अभिनेत्री

-जीनत अमान, अभिनेत्री

-प्रकाश राज, अभिनेता

-चिन्मयी श्रीपदा, गायिका

-वीर दास, हास्य अभिनेता

-ओमी वैद्य, अभिनेता

-अरुंधति रॉय, लेखिका

-नसीरुद्दीन शाह, अभिनेता

-रत्ना पाठक शाह, अभिनेत्री

-सोनी राजदान, अभिनेत्री

-स्वरा

दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका

इस बीच, सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें उनका भूख हड़ताल खत्म कराने का आग्रह किया गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि वह गुरुवार को याचिका पर सुनवाई करेगा। कोर्ट ने कहा कि यह याचिका एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताती है, जो यहां जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने बुधवार को याचिका पर सुनवाई टाल दी, क्योंकि हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के स्ट्राइक के आह्वान के बीच अधिकारियों की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। बेंच ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे कल के लिए लिस्ट किया जाए। कोर्ट ने आदेश दिया कि आदेश की एक कॉपी संबंधित एडिशनल सॉलिसिटर जनरल और दिल्ली सरकार के वकील को दी जाए

याचिकाकर्ता राकेश कुमार सैनी ने कहा कि स्थिति दुखद और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एक प्रदर्शनकारी नागरिक पूरे देश के सामने असल में अपनी जान जोखिम में डाल रहा है। अपनी जनहित याचिका में सैनी ने अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की कि वे वांगचुक की मदद के लिए आगे आएं और उनसे मुद्दे पर चर्चा करें। इसमें वांगचुक को जबरदस्ती खाना खिलाने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।

Exit mobile version