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हरियाणा में कफ सिरप को लेकर चेतावनी:जांच में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल मिला, ज्यादा मात्रा में लेने से मौत हो सकती है, बिक्री पर रोक

हरियाणा में कफ सिरप को लेकर चेतावनी जारी की गई है। फूड एंड ड्रग्स विभाग को कुछ कफ सिरप में अधिक मात्रा में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) मिला है। यह एक ऐसा कम्पाउंड है, जिसे ज्यादा मात्रा में लेने से किडनी और फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है और इससे मौत भी हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की अधिक मात्रा वाले कफ सिरप पर कड़ी निगरानी रखने और उनके सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। यदि किसी मेडिकल स्टोर पर यह मिलावटी सिरप बिक्री के लिए पाया जाता है, तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।

मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के इस्तेमाल से 17 बच्चों की मौत हुई थी। इसके बाद पंजाब सरकार ने इसकी बिक्री और उपयोग पर रोक लगा दी थी। अब हरियाणा सरकार भी कफ सिरप की जांच करा रही है।

फूड एंड ड्रग्स विभाग के अनुसार, गड़बड़ी वाले कफ सिरप में प्लैनोकुफ डी- सेटिरिजिन हाइड्रोक्लोराइड, फिनाइलेफ्राइन हाइड्रोक्लोराइड और डेक्सट्रोमेथोर्फन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप शामिल हैं। इन सिरपों का बैच नंबर R25053101 है, और इनका निर्माण मेसर्स श्रेया लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर द्वारा किया गया है।

मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के इस्तेमाल से 17 बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद पंजाब सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री और इसके उपयोग पर रोक लगा दी। हरियाणा सरकार भी अब कप सिरप की जांच कर करवा रही है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है।

डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) एक तरह का लिक्विड है जो रंगहीन और मीठा होता है। इसका इस्तेमाल कारखानों में कई चीजों को बनाने में होता है, जैसे कि एंटीफ्रीज और प्लास्टिक। लेकिन यह इंसानों के लिए बहुत खतरनाक है। अगर यह गलती से भी खाने या दवा में मिल जाए, तो उल्टी, पेट दर्द, किडनी और लीवर खराब होने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, और यहां तक कि मौत भी हो सकती है। इसलिए, इसका इस्तेमाल खाने-पीने की चीजों और दवाओं में नहीं किया जाता, और इससे काम करते समय बहुत सावधानी बरतनी पड़ती है

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