नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा व नायब सैनी सरकार के बीच 37दिन चली हड़ताल के समझौते को नगर निगम रोहतक में ड़ोर to ड़ोर के ठेकेदार ने ठेंगा दिखाते हुए हरियाणा सरकार को नाकारा सरकार घोषित किया नगर निगम के ठेकेदार ने साबित कर दिया है कि हरियाणा सरकार ठेकेदारो के दम पर चल रही है आज नगर निगम स्थित यूनियन कार्यालय में प्रधान शम्भू टांक नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा इकाई रोहतक ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि सितम्बर अगस्त महीने में 37दिन की हड़ताल में सरकार द्वारा समझौते में ये माना गया था कि हड़ताल के दौरान जितने भी कर्मचारी हटाए गए है या कर्मचारियों पर मुकदमे दर्ज किए गए है हटाए गए सभी कर्मचारियों को डयूटी पर लिया जाएगा और सभी दर्ज मुकदमे वापिस लिए जाएंगे सरकार ने इन आदेशों के पत्र भी विभाग में भेज दिए है जहा जहा भी हड़ताल में शामिल कर्मचारी हटा रखे थे उन सब जगहों पर हटाए गए कर्मचारियों को सरकार के आदेशानुसार डयूटी पर ले लिया गया है लेकिन नगर निगम रोहतक में ठेकेदार पर सरकार के आदेशों का कोई असर नही हो रहा है ठेकेदार अपने आप को सरकार से ऊपर साबित कर रहा है अपने हक अधिकारों के लिए प्रदर्शन करना हड़ताल करना हर कर्मचारी का सवैधानिक अधिकार है और सरकार भी इन बातों को समझती है लेकिन ठेकेदार आज भी तानाशाही का रवय्या अपना कर देश की कानूनी प्रक्रिया को दरकिनार कर मनमानी चला रहा है और अवशोष की ठेकेदार को मनमानी करने से रोकने में सरकार विफल साबित हो रही है प्रधान शम्भू टांक ने कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी द्वारा कैनाल रेस्ट हाउस में कार्यक्रम में भाषण में कही गई बातों का भी विरोध किया अपने भाषण में मन्त्री बेदी जी द्वारा दिया बयान की सरकार के पास आशु गेस के गोले घोड़ा पुलिस लाठी डंडे भी है इन सब बयानों से नगर निगम के सभी कर्मचारियों में नाराजगी व गुस्सा है सरकार के साथ समझौते में सभी बातों को खत्म किया जता है रेस्ट हाउस में मन्त्री जी के आने के बाद हमे हमारे समाज के भाजपा कार्यकर्ताओं व वाल्मीकि समाज के गणमान्य लोगों द्वारा मन्त्री जी से मिलने को बुलाया गया था समाज के लोगो के कहने पर कर्मचारी यूनियन के प्रधान अपनी कार्यकारिणी को लेकर हड़ताल में हटाए गए डोर to डोर के 42 कर्मचारियों को डयूटी पर लेने का प्रार्थना पत्र देने को ख़ुशी ख़ुशी कैबिनेट मन्त्री बेदी जी से मिलने रेस्ट हाउस पहुच गए लेकिन मन्त्री जी द्वारा अपने भाषण में इस प्रकार घोड़ा पुलिस लाठी डंडे की बाते करना अशोभनीय है 37दिन की हड़ताल में सरकार ने अपना पूरा बल प्रयोग किया था हिसार में हमारी महिला कर्मचारियों के बाल पकड़ कर घसीटना महिलाओ की लात मारना कर्मचारियों को पुलिस गाड़ियों में बन्द करके पीटना ये सब कुछ सरकार के आदेश पर किया गया था और इससे ज्यादा मन्त्री कृष्ण बेदी जी हमारे साथ क्या करवाना चाहते थे इस प्रकार की बयान बाजी से मन्त्री जी हमे डराने की कोशिश ना करे सरकार ने समझौते में 2महीने में पक्की भर्ती का वादा किया है सरकार 2महीने के अन्दर अन्दर पक्की भर्ती की प्रक्रिया को पूरा करके पक्की भर्ती कर हमारे कर्मचारियों को पक्का करना का वादा पूरा करे हम सरकार के इस फैसले का स्वागत करते है अगर सरकार अब फिर वादाखिलाफी करती है तो नगर पालिका कर्मचारी संघ का कर्मचारी अबकी बार कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी जी की घोड़ा पुलिस गर्म पानी फुवारे ओर लाठी डंडो का कहर का सामने करने को तैयार है हम सरकार को बताना चाहते है कि हम गरीब कमजोर है लेकिन डरपोक कायर नही है प्रधान शम्भू टांक ने नगर निगम रोहतक में हड़ताल में हटाए गए 42 कर्मचारियों को डयूटी पर लेने को कल 22 सितम्बर को दोपहर को डोर to डोर के कर्मचारियों के समर्थन में शहर में प्रदर्शन किया जाएगा ओर यूनियन द्वारा नगर निगम प्रशासन को 25सितम्बर तक का समय दिया गया है निगम प्रशासन 25सितम्बर तक हटाए गए 42कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाए वरना हम 26 सितम्बर 2026 को काम छोड़ हड़ताल करने को मजबूर होंगे जिसकी ज़िम्मेदार सरकार व निगम प्रशासन होगी इस अवसर पर उपस्थित साथी राकेश चावरिया इकाई सचिव, अशोक थोरिया,कवंल राणा, रवि चड्डा,शंकर टांक,सुरेश मुन्नू,राजकुमार टांक, सिकन्दर बिड़लान,भीम चावरिया,सुभाष चावरिया,पुनीत पवार आदि।
नगर निगम रोहतक में डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले ठेकेदार पर नगर पालिका कर्मचारी संघ ने सरकार के साथ हुए समझौते की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। सोमवार को नगर निगम स्थित यूनियन कार्यालय में इकाई प्रधान शंभू टांक ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अगस्त-सितंबर में चली 37 दिन की हड़ताल के दौरान सरकार और कर्मचारी संगठन के बीच हुए समझौते में हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर लेने और कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने पर सहमति बनी थी।
शंभू टांक के अनुसार, सरकार की ओर से इस संबंध में विभाग को आदेश भी भेजे जा चुके हैं, लेकिन रोहतक नगर निगम में डोर-टू-डोर व्यवस्था के ठेकेदार द्वारा कथित तौर पर इन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार के आदेशों के बावजूद ठेकेदार कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं लेता और कार्रवाई नहीं करता, तो इससे सरकार के समझौते की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े होते हैं। कर्मचारी संघ ने मांग की कि सरकार अपने समझौते को लागू करवाए और हटाए गए कर्मचारियों को तत्काल ड्यूटी पर वापस लिया जाए।
शंभू टांक ने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं होने पर कर्मचारी संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।

