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रोहतक के अधूरे स्टेडियम हॉल का ₹5.20 करोड़ में होगा निर्माण, 10 साल से अटका प्रोजेक्ट फिर शुरू करने की तैयारी

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रोहतक। हरियाणा के रोहतक में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अधूरे पड़े स्टेडियम हॉल का निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की तैयारी है। करीब 10 साल से अटके इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए लगभग 5 करोड़ 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। निर्माण कार्य पूरा होने से खिलाड़ियों को अभ्यास और खेल गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

2016 में हुई थी स्टेडियम बनाने की घोषणा

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2016 में जब साक्षी मलिक ने रियो ओलंपिक में पदक जीता था, तब उनके सम्मान में मोखरा गांव में एक भव्य खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद स्टेडियम हॉल बनाने की योजना पर काम शुरू हुआ, लेकिन विभिन्न कारणों से परियोजना समय पर पूरी नहीं हो सकी।

वर्ष 2022 में भी निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई। इसके लिए टेंडर जारी किए गए और निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन बजट से संबंधित अड़चनों के कारण काम बीच में ही रुक गया।

बजट की कमी से अटका निर्माण कार्य

जानकारी के मुताबिक, निर्माण कार्य के दौरान बजट की कमी सामने आई। इसके चलते परियोजना को पूरा करने में देरी हुई और खिलाड़ियों को प्रस्तावित सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया।

अब इस अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए करीब 5.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है।

खिलाड़ियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

स्टेडियम हॉल का निर्माण पूरा होने से क्षेत्र के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर जगह उपलब्ध हो सकेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र में खेल सुविधाओं को बढ़ावा मिलने और युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

परियोजना के तहत आधुनिक खेल सुविधाएं और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की भी योजना है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर वातावरण मिल सकेगा।

एक साल में काम पूरा करने का लक्ष्य

रिपोर्ट में बताया गया है कि निर्माण कार्य पूरा करने के लिए लगभग एक साल का समय निर्धारित करने की योजना है। हालांकि, परियोजना की वास्तविक समयसीमा टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और निर्माण कार्य शुरू होने के बाद स्पष्ट होगी।

करीब एक दशक से लंबित इस परियोजना को पूरा करना क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने पर टिकी हैं।

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