पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिद्धू की लड़ाई के चलते कैप्टन की कुर्सी खतरे में आ गई है। सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने खेमे के विधायकों के साथ चंडीगढ़ स्थित अपने घर पर मीटिंग कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस मीटिंग में सिर्फ 10-12 विधायक शामिल हैं, इनमें 4 मंत्री भी बताए जा रहे हैं। इनमें ब्रह्म महिंद्रा, विजय इंदर सिंगला और साधु सिंह धर्मसोत शामिल हैं, चौथा मंत्री कौन है, ये पता नहीं चल पाया है।
माना जा रहा है कि इस मीटिंग में कैप्टन आगे की रणनीति तय करेंगे। हालांकि सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान ने कैप्टन से इस्तीफा मांग लिया है और शाम 5 बजे होने वाली विधायक दल की बैठक में नया नेता चुनने का आदेश दिया गया है।
इस बीच सूत्रों का कहना है कि कैप्टन विधायक दल की बैठक से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं, क्योंकि हाईकमान का रुख देख कैप्टन के करीबियों ने भी उनसे दूरी बना ली है। उधर राजभवन में भी हलचल बढ़ गई है और माना जा रहा है कि कैप्टन राज्यपाल से मुलाकात कर इस्तीफा दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि कैप्टन ने राजभवन से 4.30 बजे का वक्त भी लिया है।
हालांकि कैप्टन ने कांग्रेस से वरिष्ठ नेता कमलनाथ और मनीष तिवारी से बात कर अपने इरादे जाहिर किए हैं। सूत्रों के मुताबिक कैप्टन ने आज ही पूरी कलह खत्म करने को कहा है। साथ ही धमकी दी है कि उन्हें इस तरह CM पद से हटाया गया तो वे पार्टी भी छोड़ देंगे। उन्होंने ये संदेश पार्टी हाईकमान तक पहुंचाने के लिए भी कह दिया है।
40 विधायकों ने हाईकमान से की थी कैप्टन की शिकायत
कैप्टन से नाखुश 40 विधायकों की चिट्ठी के बाद कांग्रेस हाईकमान ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लिया था। उन्होंने शनिवार शाम 5 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाने की घोषणा कर दी। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद शुक्रवार आधी रात को यह जानकारी शेयर की थी। विधायक दल की मीटिंग के लिए अजय माकन और हरीश चौधरी ऑब्जर्वर बनाए गए हैं और दोनों नेता चंडीगढ़ पहुंच चुके हैं।
सिद्धू गुट ने कैप्टन के कांग्रेसी होने पर ही सवाल उठाए
सियासी उठापटक के बीच पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू के रणनीतिक सलाहकार पूर्व DGP मुहम्मद मुस्तफा ने कहा है कि पंजाब के विधायकों के पास साढ़े चार साल बाद कांग्रेसी CM चुनने का मौका है। यानी मुस्तफा ने साफ तौर पर अमरिंदर सिंह के कांग्रेसी होने को ही नकार दिया है। मुस्तफा ने कहा कि 2017 में पंजाब ने कांग्रेस को 80 विधायक दिए। इसके बावजूद आज तक कांग्रेसी CM नहीं मिला। करीब साढ़े चार साल में कैप्टन ने पंजाब और पंजाबियत के दर्द को दिल से नहीं समझा। ऐसे में अब 80 में से 79 विधायकों के पास सम्मान पाने और जश्न मनाने का मौका आया है।

