अंबाला सिटी नगर निगम चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन कांग्रेस ने पार्षद प्रत्याशी का टिकट बदल दिया। सांसद कुमारी सैलजा गुट के प्रत्याशी की जगह लोकल विधायक चौ. निर्मल सिंह के करीबी को प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। इसका असर पार्टी के चुनाव पर पड़ सकता है।
21 अप्रैल को कांग्रेस ने नगर निगम के सभी 20 वार्डों से प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की थी। इसमें वार्ड-19 से सचिन पुनिया को टिकट मिला था। पुनिया सांसद कुमारी सैलजा गुट से हैं। टिकट मिलने के बाद पुनिया प्रचार में जुट गए थे। पंफलेट और प्रचार सामग्री भी छप गई थी। 25 अप्रैल को नामांकन का आखिरी दिन है।
नामांकन करने की अवधि खत्म से 3 घंटे पहले कांग्रेस ने इस वार्ड से पुनीत कवि को प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस बार यह ओपन वार्ड है। पिछले चुनाव में पुनीत एससी रिजर्व वार्ड से कांग्रेस के समर्थन से चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए थे।
पार्टी के एक सीनियर नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि टिकट बदलवाने में स्थानीय विधायक की राय शामिल है। आखिरी समय में टिकट बदलने से वर्करों में रोष है। खासकर कुमारी सैलजा के समर्थक निराश हैं।
पार्टी के एक सीनियर नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि टिकट बदलवाने में स्थानीय विधायक की राय शामिल है। आखिरी समय में टिकट बदलने से वर्करों में रोष है। खासकर कुमारी सैलजा के समर्थक निराश हैं।
सचिन पुनिया यदि पहली लिस्ट के आधार पर नामांकन भरते भी हैं, तो टेक्निकल आधार पर उनका पर्चा रद्द हो जाएगा। प्रत्याशी के नामांकन के साथ पार्टी की ओर से जारी होने वाला फार्म लगाना अनिवार्य होता है। जिसमें पार्टी स्पष्ट करती है कि उसके ऑफिशियल सिंबल पर कौन प्रत्याशी होगा।
सोनीपत नगर निगम में भी पूर्व डिप्टी मेयर मंजीत गहलावत समेत 2 निवर्तमान पार्षदों के टिकट कटे। जिसके बाद सोनीपत में कांग्रेस बगावत झेल रही है। महिला विंग की प्रदेश महासचिव संतोष कादियान ने तो पार्टी छोड़ निर्दलीय लड़ने का ऐलान भी किया। जिला महामंत्री सतबीर निर्माण ने टिकट बेचने तक के आरोप लगाए। सतबीर के मुताबिक कुमारी सैलजा ने उन्हें टिकट दिलाने का भरोसा दिया था।
