सोनिया गांधी और राहुल गांधी ईडी के समन पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए राहुल और सोनिया गांधी को डराना चाहती है। वहीं भाजपा नेता राजेश्वर सिंह ने कहा कि कानून सर्वोपरी है और कांग्रेस नेताओं को इसका पालन करना चाहिए।
दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 13 जून को प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेशी होने वाली है। इस पर कांग्रेस ने सत्याग्रह और विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है। भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस के इस एलान पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर कहा कि कानून हमेशा कांग्रेस से ऊपर है। कांग्रेस नेताओं को ईडी की जांच में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एसआईटी के सामने उपस्थित होकर कानून का पालन किया था।
UP Congress कार (7 seats) से स्कूटर (2 seats) पर आ गयी है पर अभी भी समझ में नहीं आ रहा है। अभी तो एक पहिये की गाड़ी भी नहीं आयी है।
— Rajeshwar Singh (@RajeshwarS73) June 9, 2022
Work hard otherwise we will need one wheel car for UP Congress.
स्कूटर की संख्या वालों से सत्याग्रह नहीं होते हैं। https://t.co/4Y2eTGh5Sz
भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने आगे कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री मोदी से सीख लेनी चाहिए। इस पर यूपी कांग्रेस के ट्विटर हैंडलर से हमला बोला गया। कांग्रेस ने कहा- कांप काहे रहे हो राजेश्वर सिंह… सत्याग्रह तो गांधी जी ने भी किया था। कायर तब भी कांपते थे, आज भी कांप रहे हैं। इसके बाद राजेश्वर सिंह ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा- यूपी कांग्रेस 7 सीट वाली कार से 2 सीट वाले स्कूटर पर आ गई है। वह अब भी समझ नहीं पा रही है। अभी तो एक पहिये की गाड़ी भी नहीं आई है।
आखिरकार अधीर रंजन चौधरी ने कमान संभाली और राजेश्वर सिंह पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वे (सरकार) ईडी के जरिए राहुल और सोनिया गांधी को डराना चाहती है। उनको जब भी बुलाया जाता है वे चले जाते हैं। कानून की अवहेलना जैसी कोई बात नहीं है। ऐसा आरोप लगाने वाले व्यक्ति को बताना चाहता हूं कि भाजपा के दलाल के रूप में काम करने से आपको विधायक पद मिला। अगर आप ज्यादा करते हैं तो आपको एमपी का पद भी मिल सकता है।

