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भाजपाई पार्षदों में आपसी अंतर्विरोध और असहमति:आमजन से जुड़े जरूरी मुद्दाें का कोई समाधान नहीं!!

रोहतक में भाजपाई पार्षदों के आपसी अंतर्विरोध और असहमति के चलते शहर की सरकार जूझ रही है। उसके पास आमजन से जुड़े जरूरी मुद्दाें का कोई समाधान नहीं है। रविवार को मेयर मनमोहन गोयल के डीएलएफ कॉलोनी स्थित आवास पर ट्रायल मीटिंग हुई। मकसद 13 सितंबर को प्रस्तावित नगर निगम की सामान्य बैठक के बाबत डैमेज कंट्रोल था। लेकिन हुआ उल्टा।

पब्लिक हेल्थ विभाग के आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पार्षद डिंपल जैन सहित सभी भाजपाई पार्षद अड़ गए। उन्होंने बिना कार्रवाई होने तक बैठक में नहीं शामिल हाेने का सामूहिक ऐलान कर दिया। इस बीच असमंजस में फंसे मेयर मनमोहन गोयल को अंतत: बैठक के दौरान ही 13 सितंबर की सामान्य बैठक रद्द किए जाने का लेटर कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा को लिखकर भेजना पड़ा।

बैठक निर्धारित समय शाम 5 बजे की बजाए शाम 6 बजे पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर और भाजपा के जिलाध्यक्ष अजय बंसल के आने के बाद प्रारंभ हुई। सबकी राय पर मेयर मनमोहन गोयल ने 13 सितंबर को प्रस्तावित बैठक के एजेंडा पढ़ना शुरू किया। जिस पर डिप्टी मेयर अनिल कुमार ने आपत्ति जताई। कहा कि एजेंडे तैयार करते समय उनसे राय मशविरा नहीं किया जाता है। नगर निगम में पार्षदों की सुनवाई नहीं होती है। प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में पार्षदों की सिफारिश वाले काम रोक दिए जाते हैं। पार्षद डिंपल जैन को मीटिंग में बुलाया गया। ताकि उनकी भी राय ली जा सके।

वार्ड-4 के पार्षद धर्मेंद्र गुलिया पप्पन ने कहा कि उनके वार्ड में विकास कार्य नहीं हुए हैं। रात 7:45 बजे तक चली बैठक के अंत में मेयर मनमोहन गोयल ने 13 सितंबर को होने वाली नगर निगम की सामान्य बैठक काे स्थगित करने का फैसला सुनाया। बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल, पार्षद राधेश्याम ढल, पार्षद सुरेश किराड़, पार्षद प्रतिनिधि देवेंद्र नारा, पार्षद कृष्ण सहरावत, पार्षद जय भगवान ठेकेदार, पार्षद मनोज सैनी मौजूद रहे।

पहले कार्रवाई बाद में हो बैठक: डिंपल
पार्षद डिंपल जैन ने कहा कि पहले पब्लिक हेल्थ के आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो, उसके बाद नगर निगम की सामान्य बैठक बुलाई जाए। इसका डिप्टी मेयर अनिल कुमार सहित उपस्थित पार्षदों ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब अधिकारी महिला पार्षद के साथ अभद्रता कर सकते हैं तो वे कल को और भी किसी पार्षद के अभद्रता करेंगे। लिहाजा उनको अपने किए का फल मिलना ही चाहिए।

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