हरियाणा रोडवेज परिचालक पे ग्रेड संघर्ष समिति के अध्यक्ष मंडल की बैठक रोहतक में हुई। बैठक में परिचालक पे ग्रेड के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। सभी ने कहा कि वर्तमान में परिचालक का पे ग्रेड 19900 है जो बहुत कम है। जब से हरियाणा प्रदेश का गठन हुआ है। तब से ही हरियाणा सरकार ने समय-समय पर अध्यापक, लेक्चरर के वेतनमान में सम्मान जनक बढ़ोतरी की है।
लेकिन अब तक परिचालक के ग्रेड में कोई भी बढ़ोतरी नहीं हुई है। प्रथम या दूसरे वेतन आयोग में परिचालक का वेतनमान JBT, पटवारी, MPHW, डिप्टी रेंजर, फार्मासिस्ट के बराबर होता था। सरकार द्वारा परिचालक के पे ग्रेड के बारे में अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया। जबकि परिचालक की जॉब बहुत रिस्की होती है।
बैठक में संदीप रंगा, जगदीप लाठर, रमन सैनी व अशोक खोकर आदि मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि परिचालक विभाग की रीढ़ की हड्डी होता है। गर्मी हो या सर्दी या बरसात परिचालक ने कभी भी अपनी ड्यूटी में कोताही नहीं बरती हैं। यात्रियों को उनके गंतव्य स्थान पर सुरक्षित पहुंचाना ही परिचालक का उद्देश्य रहा है।
उन्होंने कहा कि टिकट काटने के साथ-साथ अगर बस में कोई दुर्घटना हो जाती है। तो उस समय परिचालक द्वारा उनको फर्स्ट एड देकर एक मानव धर्म सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं। बस में चाहे कितनी भी सवारियां हो, परिचालक द्वारा खड़े होकर टिकट बनाना चाहे, इन सबको देखते हुए परिचालक का वेतनमान बहुत कम है।
बुधवार को को नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा व निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू को परिचालक पे ग्रेड के लिए ज्ञापन सौंपा गया। वहीं अब एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक संघर्ष समिति द्वारा हर डिपो में जाकर परिचालक साथियों को जागरूक किया जाएगा। इसके बाद एक मई यानी मजदूर दिवस को सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक सरकार के खिलाफ परिचालकों द्वारा भूख हड़ताल की जाएगी। सरकार फिर भी अपनी हठधर्मिता पर अड़ी रहती है तो संघर्ष समिति 7 मई को मीटिंग बुलाकर बड़ा आंदोलन करेंगे।

