रोहतक 24 अगस्त: स्टेट आट्या पाट्या चैम्पियनशिप का समापन हो गया है। दो दिन तक चली इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर के खिलाडिय़ों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और मैदान पर बेहतरीन खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अंडर-17 बॉयज वर्ग में रोहतक की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि अंडर-17 गर्ल्स वर्ग में रेवाड़ी की टीम विजेता रही।
समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी गजेंद्र फौगाट ने विजेता एवं उपविजेता खिलाडय़िों को मेडल और ट्रॉफियां प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने इस अवसर पर जानकारी देते हुए बताया कि 26 अगस्त को पंचकूला में प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी सभी कॉमनवेल्थ विजेताओं को सम्मानित करेंगे।
फौगाट ने खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए कहा कि नशे से दूरी और खेल जरूरी का संदेश युवाओं तक पहुंचाने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। खेल न केवल युवाओं को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना भी विकसित करते हैं। गजेंद्र फौगाट ने कहा कि प्रदेश के खिलाडिय़ों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है उन्हें बेहतर मंच, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने की। ऐसी प्रतियोगिताएं ग्रामीण एवं युवा प्रतिभाओं को आगे बढऩे का अवसर देती हैं और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने की राह तैयार करती हैं।
इस अवसर पर आट्या पाट्या संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र लोहान,उप प्रधान सुभाष रुहील,कोषध्यक्ष सुरजीत नैन, जिला खेल अधिकारी रोहतक अनुप, डॉक्टर राजेश कुमार, देवेन्द्र डबास, कर्मजीत नैन, जगत चहल, प्रदीप कटारिया, सुशील शास्त्री,सुनील कुमार, सुरेंद्र राठी,सोनु दहिया ने मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों, खिलाडय़िों, प्रशिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े लोगों का स्वागत किया और प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे:-
अंडर-17 बॉयज में प्रथम — रोहतक, द्वितीय — रेवाड़ी, तृतीय — चरखी दादरी
अंडर-17 गर्ल्स में प्रथम — रेवाड़ी, द्वितीय — कैथल, तृतीय — रोहतक
अंडर-14 बॉयज में प्रथम — रेवाड़ी, द्वितीय — रोहतक, तृतीय — सोनीपत
अंडर-14 गर्ल्स में प्रथम — झज्जर, द्वितीय — पानीपत, तृतीय — रोहतक
समापन समारोह में खेल विभाग के अधिकारी, प्रशिक्षक, निर्णायक, आयोजन समिति के सदस्य, खिलाड़ी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन ने प्रदेश में आट्या पाट्या खेल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में अपनी पहचान बनाई।
