हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत दिला रही है। सरकार की योजनाएं जरूरतमंद परिवारों तक खुद पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अंत्योदय मेला केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बदलाव लाने का अभियान है।
मुख्यमंत्री रविवार को कुरुक्षेत्र के लाडवा स्थित इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज में आयोजित अंत्योदय मेले में पहुंचे। कार्यक्रम से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना। इसके बाद स्ट्रीट वेंडर निधि योजना के तहत लाडवा के गोविंदपुरा निवासी ताराचंद को अलॉटमेंट लेटर सौंपा।
कारगिल के वीरों को किया नमन
कारगिल विजय दिवस का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय जवानों ने शून्य से भी कम तापमान में देश की रक्षा की। उन्होंने कहा कि जब देशवासी अपने घरों में सुरक्षित रहते हैं, तब सैनिक सीमाओं पर डटे रहते हैं। पूरा देश उनके त्याग और बलिदान का ऋणी है।
युवा नौकरी लेने वाले नहीं, देने वाले बनें
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार देने वाला बनने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सरकार कौशल विकास और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं को हरसंभव सहयोग दे रही है।
‘मन की बात’ से मिलती है प्रेरणा
सीएम सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशभर के लोगों को प्रेरित कर रहा है। इस मंच के जरिए समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों की कहानियां सामने आती हैं, जिससे युवाओं, किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों को नई प्रेरणा मिलती है।
सरकार खुद पहुंचा रही योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय परिवार उत्थान योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों और सरकार के बीच की दूरी खत्म करना है। अब केवल आवेदन लेने तक सीमित व्यवस्था नहीं है, बल्कि परिवार की आय, जरूरत और क्षमता के अनुसार उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
नशे के खिलाफ युवाओं से की अपील
मुख्यमंत्री ने बताया कि लाडवा आने से पहले उन्होंने यमुनानगर में नशा विरोधी मैराथन को रवाना किया। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
