करनाल में भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बड़ा एक्शन लिया है। CM ने करनाल सदर थाने के SHO मनोज कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं सिटी SHO कमलदीप राणा का भी तबादला कर दिया गया है। इसके साथ सदर थाने के एक अन्य SI महाबीर का भी तबादला कर दिया है।
दरअसल, बीते गुरुवार को नगला मेघा गांव में किसी पार्टी का गंजोगढ़ी के लोगों के साथ कोई विवाद था। नगला के सरपंच सुधीर कुमार सदर थाने में गए हुए थे, इसी दौरान विवाद वाली पार्टी भी थाने में पहुंच गई थी। जब सरपंच से पूछा गया कि विवाद क्या है तो उन्होंने कहा कि उसे नहीं पता। जिसके बाद सरपंच भी वहां से चले गए थे और पार्टी भी।
सरपंच ने बताया कि बाद में आकर दूसरी पार्टी ने गंजोगढ़ी वाले पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया। जिससे SHO का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और SHO नगला गांव में पहुंच गए। सरपंच उस वक्त मोहिदीनपुर गया हुआ था।
आरोप है कि SHO ने सरपंच को फोन किया और कहा कि तुम तो कह रहे थे कि कोई विवाद नही है। तू कहां है, मैं तेरे गांव में खड़ा हूं। सरपंच ने बताया कि वह मोहिदीनपुर गया हुआ है। फोन पर ही SHO ने सरपंच के साथ गाली गलौज व अभद्रता शुरू कर दी।
गुरुवार की शाम को ही सुधीर ने घरौंडा बीजेपी मंडल अध्यक्ष सुभाष को SHO द्वारा की गई अभद्रता के बारे में बताया। जिसके बाद मंडल कार्यकारिणी ने सांसद संजय भाटिया और विधायक हरविंद्र कल्याण से मुलाकात कर सारी बात बताई। जिस पर सांसद ने मुख्यमंत्री से मिलने को कहा। रविवार देर रात को घरौंडा मंडल, बरसत मंडल और मोहिदीनपुर मंडल के अध्यक्ष के साथ पूरी कार्यकारिणी मुख्यमंत्री से मिली।
भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को दी शिकायत में आरोप लगाया कि थाने में सही काम के लिए जाने पर दुत्कारा जाता है। लोगों के सही काम की भी परवाह नहीं की जाती। रविवार रात को ही मामले में फीडबैक लेने के बाद मुख्यमंत्री ने सदर थाने के प्रभारी मनोज कुमार के निलंबन के आदेश जारी किए।
इसी तरह कमलदीप राणा पर भी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सही बर्ताव न करने की वजह से उनका तबादला नारनोल कर दिया गया है। उन्हें जिले से बाहर पानीपत जाने के आदेश जारी किए हैं। वहीं भाजपा पार्षद के प्रतिनिधि से बदसलूकी के चलते सदर थाने के SI महाबीर पर भी कार्रवाई करते हुए उनका तबादला पलवल कर दिया गया।

