हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्टर ने आज भिवानी जिले को बड़ी सौगात दी। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने भिवानी के खरखड़ी में अनुसंधान केंद्र तथा पशु विज्ञान केंद्र बहल का शिलान्यास किया। इसी अवसर पर सीएम ने कहा कि कृषि प्रधान हरियाणा के लिए आज का Day काफी अहम है। आज हमने परंपरागत खाद्यान्नों की खेती के स्थान पर, नए युग की जरूरत के अनुसार नई तकनीकों की नई खेती की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि दोनों ही विश्वविद्यालयों के यह क्षेत्रीय केंद्र हमारे कृषि क्षेत्र में अनुसंधान के बल पर अपनी विशेष पहचान बनाने में कामयाब होंगे। इसके अलावा CM ने 224.56 करोड रुपए की लागत की 16 परियोजनाओ का उद्घाटन व शिलान्यास भी किया। इसी दौरान सीएम ने नायक जाति के लोगों को अनुसूचित जाति में जोड़ने की मांग पर आश्वासन देते हुए कहा कि Haryana Government उनके साथ खड़ी हुई है।
CM ने कई स्थानीय मांगों पर भी अपनी स्वीकृति दी साथ ही PWD की 14 सड़कों के लिए कुल 26 करोड़ रूपये मंजूर किए गए। वही मार्केटिंग बोर्ड की नई 32 सड़को और रिपेयर होने वाली सड़कों के लिए 20 करोड़ रूपये का ऐलान किया गया। सीएम ने जिम, सामुदायिक भवन, सीएचसी और पीएचसी की मांगों पर लोगों को आश्वासन दिया, इसको लेकर विभाग को निर्देश दिए गए कि जैसे फिजिबलिटी रिपोर्ट आएगी, इस पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस अवसर पर ग्राम पंचायत खरकड़ी का धन्यवाद किया, जिसने इस क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के लिए 120 एकड़ जमीन दी। बता दें कि इस पर 39 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे, 2 वर्षो के अंदर अनुसंधान केंद्र बनकर तैयार हो जाएगा। वही बागवानी उत्पादन से संबंधित सभी विषयों पर भी अनुसंधान कार्य किया जाएगा। देश- विदेशों से उपलब्ध फलों और सब्जियों और सुगंधित पौधों, मसालों आदि की किस्मों का संग्रह किया जाएगा।
CM ने लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय पशुपालन में भरपूर सहयोग कर रहा है। हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र 9 एकड़ 4 कनाल भूमि पर बनाकर तैयार किया जाएगा, इसमें तकरीबन 9 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे. यह केंद्र पशुपालकों के लिए काफी कारगर साबित होगा। इस केंद्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पशुओं के विभिन्न रोगों के निदान और उपचार की सुविधा प्रदान करना है।
मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हमारी सरकार बागवानी क्षेत्र में महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय और पशुपालन क्षेत्र में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय को चौधरी चरण सिंह कृषि विद्यालय के समान विश्व पटल पर लाने के लिए कृतसंकल्पित है। हरियाणा प्रदेश को चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय की वजह से एशिया में विशेष पहचान प्राप्त है। इस विश्वविद्यालय ने न केवल हरियाणा को, बल्कि देश को आधुनिक तकनीक देकर खाद्यान्नो में आत्मनिर्भर बनाया है।

