भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत शनिवार को चंडीगढ़ पहुंचे। उन्होंने सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत परिसर में करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन किया। चार मंजिला इस पार्किंग में एक साथ करीब 1,500 वाहन खड़े किए जा सकेंगे। इसके शुरू होने से अदालत आने वाले वकीलों और आम लोगों को पार्किंग की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा कि चंडीगढ़ उनके लिए सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि उनकी कर्मभूमि है। उन्होंने कहा, “हिसार मेरी जन्मभूमि है, लेकिन चंडीगढ़ मेरी कर्मभूमि रही है। मेरा संघर्ष का जीवन इसी शहर, इन्हीं गलियों और इन्हीं हवाओं में हुआ।”
उन्होंने कहा कि उनके जीवन में जो कुछ है, वह चंडीगढ़ के लोगों के सहयोग, मार्गदर्शन और मेंटरशिप का परिणाम है। इसलिए यहां आना उनके लिए सिर्फ औपचारिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और भावनात्मक पल है।
इंफ्रास्ट्रक्चर शहर की रीढ़
CJI ने कहा कि किसी भी शहर के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर उसकी रीढ़ की हड्डी है। अगर बुनियादी सुविधाएं नहीं होंगी तो शहर आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने कहा कि देश की आबादी और गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसी गति से इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास नहीं हो रहा।
उन्होंने कहा कि अस्पताल, स्कूल और अन्य सार्वजनिक स्थानों की तरह अदालतों में भी पर्याप्त पार्किंग और बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए। उन्होंने पंजाब और हरियाणा सरकार से अपील की कि जिला और सब-डिवीजन स्तर की अदालतों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए।
हाईकोर्ट की पार्किंग समस्या का भी उठाया मुद्दा
CJI सूर्यकांत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पार्किंग की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से अपील की कि हाईकोर्ट के विस्तार और पार्किंग सुविधा को लेकर भी विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि परिसर में जगह उपलब्ध नहीं है तो वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था में सिर्फ जज ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि वकील भी इसका अहम हिस्सा हैं। ऐसे में वकीलों और आम लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
केस पेंडेंसी के नैरेटिव को तोड़ना होगा
CJI ने कहा कि देश में केसों की पेंडेंसी को लेकर एक नैरेटिव बना हुआ है। इसे तोड़ने के लिए न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना होगा। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर होने से नए न्यायिक अधिकारियों की भर्ती और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कटारिया बोले- पार्किंग का सही इस्तेमाल भी जरूरी
चंडीगढ़ के प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि हरियाणा के हिसार जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर न्यायमूर्ति सूर्यकांत देश के सर्वोच्च न्यायिक पद तक पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उसका सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना भी जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि जजों, वकीलों और आम लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था अलग-अलग तय की जाए, ताकि मल्टीलेवल पार्किंग का बेहतर तरीके से उपयोग हो सके।
चार मंजिला पार्किंग में 1,500 वाहनों की क्षमता
सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत परिसर में करीब साढ़े चार एकड़ जमीन पर बनी यह मल्टीलेवल पार्किंग बेसमेंट सहित चार मंजिला है। इसमें एक समय में करीब 1,500 वाहन खड़े किए जा सकेंगे। जिला अदालत में रोजाना हजारों लोग और बड़ी संख्या में वकील पहुंचते हैं। ऐसे में पार्किंग शुरू होने से आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है।
इस परियोजना का शिलान्यास 30 जुलाई 2022 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया था। करीब चार साल बाद इसका निर्माण पूरा हुआ है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा ने मल्टीलेवल पार्किंग का श्रेय CJI सूर्यकांत को दिया। उन्होंने कहा कि जब न्यायमूर्ति सूर्यकांत बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन थे, तब उन्होंने ही इस परियोजना की योजना तैयार की थी।

