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सीटी स्कैन मशीन में बच्चे की मौत- हंसते हुए गया मासूम; मशीन से बाहर निकाला तो थम चुकी थीं सांसें

आगरा के धनौली निवासी मूक-बधिर माता-पिता के इकलौते बेटे दिव्यांश की शुक्रवार रात को सीटी स्कैन के दौरान मौत हो गई। मूक-बधिर मां-बाप बच्चे को एहतियातन डॉक्टर को दिखाने आए थे। उनको क्या पता था कि डॉक्टर के यहां से उनका बच्चा जिंदा वापस नहीं आएगा। माता-पिता अपने दर्द भले ही बोलकर बयां नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन उनकी आंखों के आंसू बेटे के खोने के गम को बयां कर रहे हैं। दादा-दादी का भी रो-रो कर बुरा हाल है।

थाना मलपुरा के धनौली मुल्ला की प्याऊ निवासी विनोद और उनकी पत्नी वंदना जन्म से मूक-बधिर हैं। उनका तीन साल का बेटा दिव्यांश आम बच्चे की तरह बोल और सुन सकता था। ऐसे में माता-पिता इस बात से ही खुश रहते थे कि उनका बेटा उनके जैसा नहीं है। गुरुवार दोपहर खेलते समय दिव्यांश छत से गिर पड़ा था। बताया गया है कि उसको हल्की चोट लगी थी। ऐसे में घरवालों की सलाह पर विनोद बेटे को एंबुलेंस से एसआर हॉस्पिटल में भर्ती कराने लाए।

हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने चेकअप के बाद सीटी स्कैन कराने के लिए उसे धाकरान में अग्रवाल डायग्नोस्टिक सेंटर भेजा था। परिजनों ने बताया कि यहां पर डॉ. नितिन अग्रवाल ने बच्चे का सीटी स्कैन करने के लिए उसे इंजेक्शन दिया। इस इंजेक्शन के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। डायग्नोस्टिक सेंटर से बच्चे को तुरंत हॉस्पिटल ले जाने को कहा गया। पिता जब हॉस्पिटल पहुंचे, तो वहां बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। हॉस्पिटल वालों ने डायग्नोस्टिक सेंटर पर ही बच्चे की मौत होने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया।

बच्चे के परिजन शव को लेकर अग्रवाल डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचे। मगर, सेंटर पर ताला लगा था। डॉक्टर और स्टाफ कोई नहीं था। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस को भी सूचना दी। सूचना पर थाना पुलिस और एसपी सिटी विकास कुमार मौके पर पहुंच गए। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टर की लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने से बच्चे की मौत हुई है। सीटी स्कैन से पहले तक बच्चा बिल्कुल ठीक था। एसपी सिटी ने परिजनों को उचित कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया। परिजनों ने थाना नाई की मंडी में डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉ. नितिन अग्रवाल और स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

मृतक के चाचा योगेश ने बताया की उनका भतीजा बिल्कुल ठीक था। घर से जाने से लेकर सीटी स्कैन की मशीन तक वो हंस बोल रहा था। उनके भाई विनोद ने उसके वीडियो भी बनाए थे। मगर, जैसे ही डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन दिया, उसके बाद तबीयत खराब हो गई। सीटी स्कैन के दौरान ही बच्चे की मौत हो गई। उन्होंने बच्चे के वीडियो पुलिस को भी दिखाए हैं।

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