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रोडवेज बस से कुचल कर बालक की मौत, ग्रामीणों ने रोड किया जाम; संभल में हुआ दर्दनाक हादसा

यूपी के संभल जिले के जुनावई थाना इलाके के मेरठ-बदायूं रोड पर गांव धनीपुर के पास सुबह साढ़े आठ बजे गांव के ही श्याम बाबू मौर्य का 10 वर्षीय बेटा गौरव तिरंगा झंडा लेकर सड़क पार कर रहा था। उसी समय रोडवेज बस ने टक्कर मार दी। 

बस से कुचल कर बालक की मौके पर मौत हो गई। हादसे के बाद बस लेकर भाग रहे चालक और बस को ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया और रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस ने समझा बुझा कर जाम खुलवाया। 

करीब पौन घंटे तक तमाम वाहन जाम में फंसे रहे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है। थाना क्षेत्र के धनीपुर गांव के रहने वाले श्याम बाबू मौर्य काफी समय से हरियाणा प्रदेश के कैथल में रहकर ईंट भट्ठा पर परिवार के साथ मेहनत मजदूरी करते हैं। 

बारिश के मौसम में भट्ठे पर काम खत्म होने पर वह डेढ़ माह पहले ही गांव लौटकर आए थे। जबकि बुधवार को परिवार के सभी लोग घर बैठे हुए थे। तभी श्याम का छोटा बेटा गौरव कुमार रोड पर आ गया। वाहन के माध्यम से घर घर झंडा वितरण कर रहे ग्राम प्रधान रेखा कुमारी के पति विष्णु कुमार को झंडा बांटते देखकर गौरव ने तुरंत ही सड़क पार कर झंडा ले लिया। इसके बाद वापस सड़क पार कर रहा था। 

बारिश के मौसम में भट्ठे पर काम खत्म होने पर वह डेढ़ माह पहले ही गांव लौटकर आए थे। जबकि बुधवार को परिवार के सभी लोग घर बैठे हुए थे। तभी श्याम का छोटा बेटा गौरव कुमार रोड पर आ गया। वाहन के माध्यम से घर घर झंडा वितरण कर रहे ग्राम प्रधान रेखा कुमारी के पति विष्णु कुमार को झंडा बांटते देखकर गौरव ने तुरंत ही सड़क पार कर झंडा ले लिया। इसके बाद वापस सड़क पार कर रहा था। 

इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार रोडवेज बस चालक ने ओवरटेक कर दूसरी रोडवेज से बस से आगे निकालने का प्रयास किया। झंडा लेकर सड़क पार कर रहा गौरव बस की चपेट में आ गया। बस से कुचल कर गौरव की घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। 

आधा घंटे से अधिक देर तक चले जाम में दोनों तरफ का आवागमन पूर्ण तरीके से बंद हो जाने से दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। तभी सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझा कर जाम खुलवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 

मृतक के तहेरे भाई पुष्पेंद्र कुमार ने बताया डेढ़ माह पहले ही पूरा परिवार हरियाणा से मेहनत मजदूरी कर घर वापस लौट कर आया है। जबकि किसी भी बच्चे का स्कूल में यहां नाम नहीं लिखा हुआ है।

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