चंडीगढ़, 8 अक्टूबर 2026। हरियाणा में खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को फसल बेचने के दौरान किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने धान और बाजरे की खरीद, उठान तथा भुगतान व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंडियों में व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने और आवक बढ़ने के साथ उठान की गति तेज करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मंडियों में किसानों की फसल की खरीद के साथ-साथ उसका तत्काल उठान सुनिश्चित किया जाए, ताकि मंडियों में अनावश्यक भीड़ और फसल के ढेर की स्थिति पैदा न हो। उन्होंने अधिकारियों को खरीद से लेकर भुगतान तक पूरी प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
अब तक 5 लाख क्विंटल धान की खरीद
हरियाणा में अब तक करीब 5 लाख क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जैसे-जैसे मंडियों में धान की आवक बढ़ रही है, उसी अनुपात में उठान की प्रक्रिया को भी तेज किया जाए। किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए और खरीद के बाद मंडियों से फसल का समय पर उठान हो, इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
बाजरे पर ₹2,900 प्रति क्विंटल तक MSP का लाभ
बाजरे की खरीद को लेकर भी सरकार ने किसानों के हित में व्यवस्था स्पष्ट की है। हरियाणा सरकार किसानों को बाजरे के लिए ₹2,900 प्रति क्विंटल तक MSP का लाभ सुनिश्चित करेगी।
सरकारी खरीद ₹2,300 प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। वहीं, यदि खुले बाजार में बाजरे का भाव ₹2,300 प्रति क्विंटल से अधिक मिलता है, तो भावान्तर भरपाई योजना के तहत किसानों को निर्धारित सीमा तक भरपाई दी जाएगी।
इसके तहत किसानों को अधिकतम ₹600 प्रति क्विंटल तक का लाभ मिल सकता है, जिससे उन्हें बाजरे के लिए ₹2,900 प्रति क्विंटल तक का सुनिश्चित मूल्य प्राप्त हो सकेगा।
निजी डीलरों के माध्यम से भी बाजरे की खरीद
बाजरे की खरीद सरकारी व्यवस्था के साथ-साथ निजी डीलरों के माध्यम से भी जारी रहेगी। सरकार का उद्देश्य है कि मंडियों में आने वाली बाजरे की फसल की खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
हर मंडी में HCS स्तर के अधिकारी तैनात
खरीद प्रक्रिया की निगरानी को मजबूत करने के लिए सरकार ने हर मंडी में HCS स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति की है। ये अधिकारी मंडियों में खरीद, उठान और किसानों से संबंधित व्यवस्थाओं पर नजर रखेंगे।
इसके अलावा प्रशासनिक सचिवों को भी मंडियों का दौरा करने और वहां की खरीद एवं उठान व्यवस्था की स्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे सरकार को जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की जानकारी मिल सकेगी और किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी।
पिछले वर्ष की बची धान के लिए भी विभागीय टीम गठित
पिछले वर्ष की बची हुई धान को लेकर भी सरकार ने कार्रवाई शुरू की है। राइस मिलर्स से संबंधित मामलों की जांच और स्थिति का आकलन करने के लिए विभागीय टीम का गठन किया गया है। सरकार का प्रयास है कि पुरानी धान से जुड़े मामलों का भी उचित समाधान निकाला जाए और मौजूदा खरीद प्रक्रिया प्रभावित न हो।
व्यापारियों के लिए ₹2,777 प्रति क्विंटल की राशि निर्धारित
व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ₹2,777 प्रति क्विंटल की राशि निर्धारित की गई है। सरकार ने खरीद प्रक्रिया में शामिल सभी पक्षों के लिए व्यवस्थाओं को स्पष्ट रखने और मंडियों में कामकाज को व्यवस्थित बनाए रखने पर जोर दिया है।
किसानों को समय पर खरीद और भुगतान का भरोसा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में खरीद, उठान और भुगतान की पूरी व्यवस्था सुचारू बनी रहनी चाहिए। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि किसान को अपनी फसल बेचने के लिए परेशानी न उठानी पड़े और खरीद के बाद फसल का उठान तथा भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर हो।
सरकार ने अधिकारियों को मंडियों की लगातार निगरानी करने और किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए हैं।

