हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीख में बदलाव के आसार नहीं है। राज्य के मुख्य चुनाव आयोग के अधिकारी ने 1 अक्टूबर को चुनाव से संबंधित तैयारियां करने के आदेश दिए हैं। भाजपा ने चुनाव आयोग के समक्ष मतदान डेट से पहले और बाद में छुट्टियों का हवाला देते हुए बदलाव की मांग की। भाजपा ने तर्क दिया था कि लंबी छुट्टियों के कारण लोग घूमने जा सकते हैं। ऐसे में मतदान प्रतिशत कम रह सकता है। इनेलो ने भी इसका समर्थन किया।
चुनाव की तारीख बदलने की मांग पर चुनाव आयोग पहले बैठक भी कर चुका है। आयोग ने अपनी बैठक में कहा था कि वह इस मुद्दे पर प्रदेश की अन्य पार्टियों की भी राय जानना चाहता है। अगर सभी पार्टियां इस पर सहमत होती हैं तो बदलाव किया जा सकता है। जहां तक कम मतदान की बात है तो इसका असर सभी पार्टियों पर पड़ेगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंकज अग्रवाल ने 1 अक्टूबर 2024 को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश के सभी विभागों के कर्मचारियों व अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि चुनाव के इस महापर्व में अपने विभागों के चुनाव संबंधी कार्यों को सुचारू रूप से पूरा किया जाए।विभाग यह सुनिश्चित करें कि उनके विभाग द्वारा चुनाव प्रबंधन से संबंधित प्रत्येक कार्य तत्परता व सही ढंग से किया जाए। मतदान केंद्रों पर विभाग द्वारा की जाने वाली व्यवस्थाओं का उचित प्रबंधन हो।
पंकज अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश के अधिकारियों व कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों से खुद को दूर रखने के भी निर्देश दिए। जैसे कि राजनीतिक दलों का प्रचार-प्रसार, बूथ एजेंट, चुनाव एजेंट व मतगणना एजेंट बनना आदि।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने चुनाव आयोग को लेटर लिखकर कहा कि 28 और 29 सितंबर को शनिवार-रविवार है। 1 अक्टूबर को वोटिंग होगी, जबकि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और 3 अक्टूबर को अग्रसेन जयंती की छुट्टी है। इतनी लंबी छुट्टियों में वोटर बाहर घूमने निकल जाएंगे। इससे वोटिंग कम हो सकती है। बड़ौली ने कहा कि 2 अक्टूबर को राजस्थान में मुकाम धाम में आसोज का मेला शुरू होगा। यह बिश्नोई समाज का बड़ा धार्मिक कार्यक्रम है। इस मेले में राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली से लोग पहुंचते हैं।
इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर 1 अक्टूबर को होने वाले मतदान की तारीख को आगे बढ़ाने की BJP की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने लेटर में लिखा, चूंकि लोग आमतौर पर वीकेंड पर छुट्टियों पर जाते हैं, इसलिए यह निश्चित रूप से मतदान को प्रभावित करेगा। मत प्रतिशत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और मतदान प्रतिशत में 15 से 20 प्रतिशत की कमी होने की संभावना है।
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त को लेटर लिखकर चुनाव की डेट बदलने की मांग की थी। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुडिया ने कहा कि एक अक्टूबर को राजस्थान के बीकानेर में बड़े मेले का आयोजन होगा। इसमें बिश्नोई समाज के काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में चुनाव की डेट बदली जाए।राजस्थान के बीकानेर में मुकाम धाम स्थित है, जहां आसोज अमावस्या पर मेला लगता है। इस बार आसोज अमावस्या एक अक्टूबर को रात 9.39 बजे शुरू होगी और 3 अक्टूबर को 12:18 बजे समाप्त होगी।

