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रोहतक से ड्रेन-8 में अब सोनीपत तक पहुंचा केमिकल:कई पशु झुलसे, एक की मौत- अधिकारियों ने मौके पर पहुँच भरे सैंपल; अज्ञात के खिलाफ FIR

रोहतक के बाद अब सोनीपत में भी नहरी पानी की ड्रेन में आए खतरनाक किस्म के केमिकल से एक भैंस की मौत हो गई, जबकि कई झुलस गई हैं। जसराना-फरमाणा गांव में पानी का रंग काला देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने इसको लेकर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एसडीएम व अन्य अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और पानी के सैंपल लिए। नहर विभाग मामले की जांच कर रहा है। कितने पशु केमिकल से प्रभावित हुए हैं, इसका डाटा अभी प्रशासन के पास नहीं है।

नहर विभाग गुहणा खंड के जेई गोरव देवगन ने विभाग को सूचना दी थी कि ड्रेन नंबर 8 में निरीक्षण के दौरान गांव जसराना व फरमाणा के किसानों व ग्रामीणों ने बताया गया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा द्वारा खतरनाक काले रंग का रसायन ड्रेन 8 में डंप किया गया है। ड्रेन नंबर 8 में आरडी 164860/R पर फरमाना से जसराना रोड के पास पानी बिल्कुल काला हो गया है। गोहाना सदर थानाना पुलिस ने विभाग के अनुमंडल अधिकारी प्रियवर्त की शिकायत पर केमिकल डालने वाले अज्ञात के खिलाफ धारा 269, 328 व 429 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बता दें कि इससे पहले रोहतक जिले के गांव बखेता में ड्रेन 8 में केमिकल डालने का मामला सामने आया था। इसमें 600 पशु झुलस गए थे और 14 की मौत हो गई थी। कई पशुओं की हालत गंभीर बनी हुई है। सोनीपत का फरमाना-जसराना गांव भी रोहतक की सीमा पर है और यहां से अगला गांव रोहतक का बखेता ही पड़ता है। माना जा रहा है कि वहां पर ड्रेन में डंप किए गए केमिकल का असर सोनीपत के इन गांवों में हुआ है। यहां एक पशु की मौत हो गई है, कई अन्य के बीमार होने की सूचना है।

ड्रेन नंबर 8 मे केमिकल आने और पशुओं के चपेट में आने से प्रशासन में भी हड़कंप है। सीटीएम डा. अनमोल व सिंचाई विभाग के एक्सईएन पुनीत साहनी ने एसडीओ प्रियवर्त, जेई गौरव देवगन, प्रदूषण विभाग व पुलिस अधिकारी के साथ मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया। सीटीएम ने ग्रामीणों से भी बात की। केमिकल डालने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

इस बीच सोनीपत में ड्रेन नंबर 8 में पाए गए काले रंग के केमिकल के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। लैब की रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि केमिकल कौन सा है और कितना प्रभाव डालने वाला है। इसके आधार पर ही उस फैक्ट्री की पहचान भी संभव है, जहां से यह आया है। पुलिस और अधिकारी रोहतक के अधिकारियों के भी संपर्क में है। रोहतक की टीम कई दिन पहले ही इस प्रकरण की जांच कर रही है।

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