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रोहतक में 10 गुना मुनाफे का लालच दे बुजुर्ग से 1.81 करोड़ की ठगी: निवेश के नाम पर ठग ट्रांसफर करवाते गए पैसे; अब ठगों का फोन बंद

रोहतक में एक बुजुर्ग से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने निवेश के नाम पर रुपए लिए और करीब 10 गुना अधिक रुपए वापस करने का झांसा दिया था। जिसके बाद बुजुर्ग से 1 करोड़ 81 लाख 77 हजार 129 रुपए ठग लिए। अब आरोपियों के मोबाइल नंबर भी बंद आ रहे हैं।

रोहतक की डीएलएफ कॉलोनी निवासी करीब 70 वर्षीय अर्जुन देव दुआ ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे मैकेनिकल इंजीनियर की प्राइवेट नौकरी करते थे। वहीं उनकी पत्नी शकुंतला देवी पीजीआई से 2016 में सेवानिवृत्त है। उन्होंने लाइफ इंश्योरेंस की पॉलिसी ली हुई है। पॉलिसी में मोबाइल नंबर भी दर्ज करवाया हुआ है।

उन्होंने बताया कि 24 जून को उनके मोबाइल नंबर पर फोन आया। सामने वाली महिला ने खुद को मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने पॉलिसी के बारे में पूछा और बाद में दूसरे व्यक्ति से फोन पर बात करवाई। जिसने खुद को कंपनी के हेड आफिस से बताया और बातचीत की।

अर्जुन देव दुआ ने कहा कि सामने वाले व्यक्ति ने फोन पर बताया कि उसने कोल इंडिया कंपनी में 225 करोड़ का निवेश किया है। जिसमें यदि निवेश करना चाहते हैं तो 6.27 रुपए प्रत्येक यूनिट के हिसाब से बेचेंगे। वहीं 3 महीने में 66 रुपए प्रत्येक यूनिट के हिसाब से भुगतान वापस करेंगे। साथ ही इसके लिए रुपए देने को खाता नंबर भी दिया।

उन्होंने सामने वालों की बातों पर विश्वास करके कहा कि 30 जून को 2 लाख रुपए RTGS करवा दिए। उसके बाद अलग-अलग फोन नंबरों से उसके पास फोन आए। फोन पर सामने वालों ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनके नाम पर 1 करोड़ 43 लाख RTGS करेंगे और 60 लाख के डिमांड ड्राफ्ट बने हुए हैं। जो उनके पते पर भेज देंगे। इसके लिए हर बार उससे रुपए जमा करवाने की कहते।

अर्जुन देव दुआ ने कहा कि आरोपियों के कहे अनुसार बार-बार वे रुपए जमा करवाते रहे। जब निवेश की डिटेल मांगी जाती तो वे बातों को टाल देते। उसने आरोपियों के खातों मे 1 करोड 81 लाख 77 हजार 129 रुपए जमा करवाए हैं। इसके बाद अब आरोपियों के फोन नंबर भी बंद आ रहे हैं।

साइबर क्राइम पुलिस थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप कुमार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। दिए गए मोबाइल नंबर फिलहाल बंद आ रहे हैं। उनके जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि धोखाधड़ी करने वालों को गिरफ्तार किया जा सके।

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