रोहतक के पुराना आईटीआई मैदान में 10 अक्टूबर से शुरू होने वाली रामलीला इस बार खास आकर्षण का केंद्र रहेगी। रामलीला उत्सव कमेटी की ओर से उत्तराखंड के चार धाम की थीम पर भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है। यहां श्रद्धालुओं को बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन एक ही जगह देखने को मिलेंगे।
रामलीला के लिए करीब 150 फुट चौड़ा डबल स्टेज तैयार किया जा रहा है, जिसमें अलग-अलग तीन स्टेज बनाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि मंचन में रामायण और महाभारत के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
दर्शकों की सुविधा के लिए मैदान में 10 हजार कुर्सियों की व्यवस्था की जाएगी। वहीं करीब 2 हजार लोगों के बैठने के लिए 300 सोफे भी लगाए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरे परिसर में CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं, जबकि 92 निजी सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे।
रामलीला का मंचन करने के लिए मुंबई और मुरादाबाद से महाभारत व रामायण में अभिनय कर चुके कलाकार आएंगे। रामलीला का मंचन 10 अक्टूबर से रोजाना रात 9 बजे से किया जाएगा। दर्शकों के लिए बड़ी एलईडी स्क्रीन भी पंडाल में लगाई जाएंगी, जिससे दर्शक आराम से रामलीला को देख सकते हैं।
रामलीला मंचन के दौरान रोजाना एक एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी। भीड़ के कारण अगर किसी को एमरजेंसी हुई तो तुरंत उसे प्राथमिक उपचार दिया जाएगा। इसके साथ ही चैतन्य देवियों की झांकी और 12 ज्योतिर्लिंग की झांकी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेगी।
रामलीला के दौरान लोगों को नशा मुक्ति, जैविक खेती, पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाएगा। वातावरण को स्वच्छ कैसे करें। जीरो बजट खेती के फायदे, प्लास्टि द्वारा बनाई वस्तुओं का इस्तेमाल करने से हमारे स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है, बिजली की कम खपत के लिये सौलर ऊर्जा प्लांट, पेड़ों का योगदान, इसको लेकर बूथ लगाए जाएंगे।
रामलीला के दौरान दशहरे के दिन 20 अक्टूबर को रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। इसमें रावण का पुतला 75 फुट, कुंभकरण का 65 और मेघनाद का 60 फुट का पुतला रहेगा। इसके अलावा ताड़का के पुतले व सोने की लंका का दहन भी किया जाएगा। 31 हनुमान भगत राम की बारात में नजर आएंगे।
