झज्जर पुलिस आयुक्त एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) डॉ. राजश्री सिंह की सेवानिवृत्ति पर शुक्रवार को पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) सुनारिया में सम्मान परेड का आयोजन किया गया।
सम्मान परेड के दौरान डॉ. राजश्री सिंह को पुलिस बल की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर एवं सलामी दी गई। इस अवसर पर डीआईजी मनवीर सिंह ने कहा कि डॉ. राजश्री सिंह ने हरियाणा पुलिस को संवेदनशील नेतृत्व, जनसेवा की नई सोच और पेशेवर कार्यशैली प्रदान की। उन्होंने कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, सामुदायिक पुलिसिंग, सड़क सुरक्षा, पुलिस प्रशिक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया।
उन्होंने बताया कि डॉ. राजश्री सिंह ने वर्ष 1990 में डीएसपी के रूप में पुलिस सेवा आरंभ की और वर्ष 1999 में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नत हुईं। अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने फरीदाबाद पुलिस आयुक्त, अपराध शाखा, यातायात एवं राजमार्ग, हरियाणा पुलिस अकादमी सहित अनेक महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। वर्ष 2025 में उन्हें झज्जर पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया और उसी वर्ष अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) के पद पर पदोन्नति मिली। समारोह में उनके साहित्यिक, सामाजिक एवं जनजागरूकता से जुड़े कार्यों की भी सराहना की गई। कोरोना महामारी के दौरान समाज को सकारात्मक संदेश देने, महिला सशक्तिकरण, सड़क सुरक्षा और पुलिस-जन संवाद को मजबूत बनाने में उनके योगदान को विशेष रूप से याद किया गया।
इस अवसर पर डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि पुलिस सेवा उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण अध्याय रही है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से ईमानदारी, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर सोनीपत ममता सिंह, रोहतक रेंज के आईपीएस अधिकारी समरदीप सिंह, साउथ रेंज रेवाड़ी के आईजी ओमप्रकाश नरवाल, पीटीसी सुनारिया से डीआईजी मनवीर सिंह उपस्थित रहे।

