रोहतक (Rohtak): बैंक ऑफ बड़ौदा में 11.18 करोड़ की हुई हेराफेरी के मामले की जांच में सीबीआई की टीम तीसरे दिन भी जुटी रही। वीरवार को सीबीआई की टीम ने न केवल बैंक उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए, बल्कि अपने स्तर पर बाहर से भी मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई। पूरा मामला सामने आने से बैंक प्रबंधन उपभोक्ताओं को भरोसा दे रहा है कि उनके पैसे सुरक्षित हैं। यह बैंक का अंदरूनी मामला है। ऐसे में उपभोक्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
बता दें कि सीबीआई ने फरवरी माह में गोहाना के बाद रोहतक ब्रांच के मैनेजर मंजीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप था कि बैंक में 163 उपभोक्ताओं की एफडी गलत तरीके से पांच लोन अकाउंट से जोड़ दी गई है। इसके बाद लोन अकाउंट की निकासी लिमिट 21 हजार से बढ़ाकर 2 करोड़ के करीब कर दी गई। साथ ही 11.18 करोड़ रुपये एफडी अकाउंट से ट्रांसफर कर लिए गए। 20 जुलाई को सीबीआई की टीम रोहतक पहुंची और उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए। बुधवार व वीरवार को भी सीबीआई की जांच जारी रही।
