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2200 करोड़ के भ्रष्टाचार केस में CBI ने दाखिल की चार्जशीट, अस्पताल में भर्ती हुए पूर्व राज्यपाल

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कीरू जलविद्युत परियोजना के लिए 2,200 करोड़ रुपये के कार्यों के ठेके में कथित भ्रष्टाचार के मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक और पांच अन्य के खिलाफ गुरुवार को आरोपपत्र दायर किया है। सीबीआई ने तीन साल की जांच के बाद एक विशेष अदालत के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश की है। बता दें कि सीबीआई ने अप्रैल 2022 में जम्मू-कश्मीर सरकार के अनुरोध पर मामला दर्ज किया था। मलिक अगस्त 2018 से अक्तूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे।

वहीं इस केस में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मलिक ने एक्स पर लिखा कि वह अस्पातल में भर्ती हैं और किसी से बात करने की स्थिति में नहीं हैं। पूर्व राज्यपाल ने कहा कि उन्हें कई शुभचिंतकों के फोन आ रहे हैं, जिनका वह जवाब नहीं दे पा रहे हैं।

मलिक 23 अगस्त 2018 से 30 अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे थे। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें इस परियोजना से संबंधित एक फाइल सहित दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी। लेकिन पिछले साल सीबीआई द्वारा तलाशी अभियान चलाए जाने के बाद उन्होंने अपने खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार किया था। 

मलिक ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ उन्होंने शिकायत की थी और जो भ्रष्टाचार में लिप्त थे, उनकी जांच करने के बजाय सीबीआई ने उनके आवास पर छापा मारा। इस पर उन्होंने एक्स पर लिखा था, ‘उन्हें 4-5 कुर्ते और पायजामा के अलावा कुछ नहीं मिलेगा। तानाशाह सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करके मुझे डराने की कोशिश कर रहा है। मैं एक किसान का बेटा हूं, मैं न तो डरूंगा और न ही झुकूंगा।

केंद्रीय एजेंसी ने चेनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (सीवीपीपीपीएल) के तत्कालीन अध्यक्ष नवीन कुमार चौधरी, एम एस बाबू, एम के मित्तल और अरुण कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों के अलावा निर्माण कंपनी पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

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