रोहतक में सर्दी के सीजन में भी बिजली की चोरी जारी है। शहर में जहां मीटर टेम्परिंग करके ही अधिकतर बिजली चोरी होती हुई पकड़ी गई, वहीं आउटर के क्षेत्र में लाइन पर कुंडी लगाकर बिजली चोरी के केस मिले हैं। बिजली निगम ने बिजली चोरी पकड़ने के लिए रोहतक क्षेत्र में 25 टीमों को लगाया है। इसमें जनवरी में लगातार छापेमारी की गई है। इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट निगम की तरफ से मांगी गई है। जनवरी के दौरान 123 जगहों पर बिजली चोरी पकड़ी गई है, जिसमें 27.07 लाख रुपए की वसूली की गई है।
इसमें कई बार घर के अंदर हीटर और अन्य सभी उपकरण चलते हुए पाए जाने के बावजूद रीडिंग नाममात्र की पाई गई है। शहर के भीतरी इलाकों में मीटर टेम्परिंग के जरिए 80 चोरी पकड़ी हैं। जबकि शहर के आउटर के इलाकों में कुंडी लगाकर 37 चोरी पकड़ी गई। बाकी 6 कनेक्शन की कैटेगिरी चेंज करके बिजली चोरी की गई हैं।
निगम ने मीटर खराब होने की शिकायतों का जल्द निस्तारण करने का आदेश दिया है। जिससे उपभोक्ता की रीडिंग की सही गणना करके उससे बिल लिया जा सके। छापेमारी के दौरान 3 से 4 माह तक मीटर नहीं बदलने के मामले सामने आए हैं।
छापेपारी में कई जगहों पर मीटर खराब मिले। ऐसे उपभोक्ताओं के मीटर खराब होने के बाद उसकी तरफ से निगम को की गई शिकायत की जांच की गई। इसमें खराब मीटर बदलने की शिकायत की गई। इस बीच वह ऐवरेज बिल देते रहे।
बिजली चोरी पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसमें निगम की तरफ से साप्ताहिक रिपोर्ट मांगी गई है। टीमें प्रतिदिन काम कर रही हैं।
- महताब सिंह, एक्सईएन, बिजली निगम

