रोहतक पुलिस की टीम ने वीजा लगवाने के नाम पर 3 लाख 45 हजार रुपये की ठगी की वारदात में एक साल से फरार चल रहे दूसरे आरोपी को गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त की है। आरोपी को पेश अदालत कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
प्रभारी थाना कलानौर निरीक्षक सतपाल सिंह ने बताया कि गांव पिलाना निवासी आरती की शिकायत के आधार पर जांच शुरु की गई। प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि आरती ने वीजा लगवाने के नाम पर जलमाना करनाल निवासी एजेंट अक्षय के खाते मे 20 हजार रुपये फाइल चार्ज के नाम पर भेजे। पैमंट करने के बाद अक्षय ने आरती के दस्तावेज पीडीएफ के माध्यम से मांगे और पासपोर्ट कोरियर करने बारे कहा। अक्षय ने आरती को बताया कि उसकी फाइल वर्क परमिट सिंगापुर दो साल के लिये लगा दी गई है। अक्षय ने आरती को अमनदीप से बात करने बारे कहा। अमनदीप ने आरती को कहा कि उसका असली पासपोर्ट कॉरियर के माध्यम से उनके पास आ चुका है। आरती का वर्क वीजा लग गया है और खाते मे आरती ने 3 लाख 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिये। आरती ने अमनदीप से अपना वीजा और पासपोर्ट मॉंगा तो कहा कि वो गुजरात है। जिसके बाद अमनदीप का मोबाइल फोन बंद आने लगा। दिनांक 13.11.2023 को अनिल नाम का युवक आरती के घर आया और पासपोर्ट और वीजा के खर्चे की 4,48000 रुपये की मांग की। पैसे ना देने पर पासपोर्ट व वीजा ना देने की धमकी दी।
मामले की जांच स.उप.नि शमशेर व स.उप.नि त्रिलोचन द्वारा अमल में लाई गई। दौराने जांच दिनांक 16.05.2025 को आरोपी अमनदीप पुत्र सुरजीत निवासी गांव अहमदपुर जिला करुक्षेत्र को कुल्लू हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया है वारदात मे शामिल रहे आरोपी अनिल को पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है।
रोहतक में वीजा लगवाने के नाम पर 3 लाख 45 हजार रुपये की ठगी करने का मामला,एक साल से फरार चल रहा आरोपी गिरफ्तार

