रोहतक जिले में पराली जलाने वाले किसान के खिलाफ बहु अकबरपुर थाने में केस दर्ज किया गया है। यह एफआईआर जिले की पहली है, जो किसी किसान के खिलाफ पराली जलाने पर दर्ज की गई है।
बता दें कि पराली जलाने पर पाबंदी है। इसलिए कृषि विभाग की टीम भी इसकी निगरानी कर रही है। हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (हरसेक) से मिली लोकेशन के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग रोहतक की एग्रीकल्चर सुपरवाइजर निधि पायल ने बहु अकबरपुर थाने में पराली जलाने की शिकायत दी। जिसमें उन्होंने बताया कि धान की कटाई के बाद बचे हुए अवशेष (पराली) जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बारे में उप कृषि निदेशक ने पत्र जारी करके 24 सितंबर को ग्राम स्तरीय संयुक्त टीम (एग्रीकल्चर, पटवारी व ग्राम सचिव) का गठन किया गया। 12 अक्टूबर को हरसेक से आग जलने की लोकेशन प्राप्त हुई। इसके बाद ग्राम स्तरीय निगरानी टीम ने खेतों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया कि किसान ने अपने खेत में धान के अवशेष जला रखे है।
उन्होंने बताया कि गांव डोभ की करीब एक एकड़ में धान की पराली जली हुई मिली। जिसके बाद मामले की शिकायत बहु अकबरपुर थाना में दी गई है। शिकायत के आधार पर गांव डोभ निवासी सिलकराम के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
वहीं, मामले में कार्रवाई की जा रही है। एग्रीकल्चर सुपरवाइजर निधि पायल ने बताया कि जिले में धान की पराली जलाने पर यह पहली एफआईआर हुई है। अभी तक किसी किसान के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
