जम्मू कश्मीर के डोडा के अस्सर क्षेत्र में शिवगढ़-अस्सर बेल्ट में छिपे आतंकवादियों के एक समूह को ट्रैक करने के लिए एक ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया गया था
स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा बलों ने पत्नीटॉप की पहाड़ियों के साथ लगती डोडा जिले के अस्सर की हिरनी धार के पास अकार के जंगलों में आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक आतंकवादी को मार गिराया है। इस ऑपरेशन में सेना की 48 राष्ट्रीय राइफल के कैप्टन दीपक सिंह बलिदान हो गए। इस मुठभेड़ में एक वीडीजी भी गोली लगने से घायल हुए हैं। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से आतंकियों की एक एम-4 कार्बाइन और ऐके राइफल और खून से सने बैग पैक बरामद किए हैं।
बता दें कि सेना और पुलिस ने अकार के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के बाद मंगलवार शाम को शुरू सर्च ऑपरेशन शुरु किया। शाम को सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच संक्षिप्त मुठभेड़ हुई। इसके बाद से सुरक्षा बलों का खोज अभियान जाना था। सुबह कुछ ही देर के बाद सेना और सुरक्षा बलों के बीच एक बार फिर से मुठभेड़ शुरु हुई। इसके बाद सुरक्षा बलों को जंगल से एक एम-4 कार्बाईन राइफल, एक ऐके-47 राइफल व चार बैग पैक, एक कुल्हाड़ी व एक एम्युनिशन पाउच बरामद किए हैं।
इससे आतंकियों के घायल होने का अनुमान लगाया जाया रहा है, जिसमें से दो के सुरक्षा बलों के हाथों ढेर होने और बाकी दो के सेना के घेरे में फंसे होने की खबरें आ रही हैं। इसके विपरीत सेना ने एक आतंकवादी के मारे जाने की पुष्टि कर दी है। उसका शव भी बरामद कर लिया गया है। जम्मू के एडीजीपी जम्मू आनंद जैन ने बुधवार को डोडा के अस्सर में मुठभेड़ स्थल का दौराकर स्थिति का जायजा लिया।
इस मुठभेड़ में सेना को भी अपना कैप्टन खोना पड़ा है। इस मुठभेड़ में सेना की 48 राष्ट्रीय राईफल के कैप्टन दीपक सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनको इलाज के लिए सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां पर वह वीरगति को प्राप्त हुए। इस मुठभेड़ के दौरान वीडीजी प्यार सिंह पुत्र शिव लाल निवासी शिवगढ़ अस्सर भी गोली लगने से घायल हुआ है। उसे उपचार के लिए अस्सर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
