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Captain Anshuman Singh: ‘आपकी बहादुरी, दिलेरी और वीरता को हमारा नमन,शहीद कैप्टन अंशुमन की पत्नी को मिला कीर्ति चक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने शुक्रवार (5 जुलाई) को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को उनके अदम्य साहस और वीरता के लिए कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित किया. पिछले साल सियाचिन में स्थित सेना के कैंप में लगी आग की चपेट में आकर शहीद होने वाले कैप्टन अंशुमन सिंह को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया. 

शहीद कैप्टन अंशुमन सिंह की पत्नी स्मृति सिंह और उनकी मां मंजू सिंह ने राष्ट्रपति से इस सम्मान को हासिल किया. इस दौरान जब कैप्टन की बहादुरी की गाथा को बताया जा रहा था तो स्मृति अपनी भावनाओं को काबू में नहीं रख पाईं. पति की बहादुरी को सुनकर उनकी आंखें नम हो गईं. उनके चेहरे पर उदासी और निराशा साफ तौर पर झलक रही थी. कीर्ति चक्र सम्मान लेने के दौरान का उनका वीडियो काफी ज्यादा वायरल हो रहा है. 

कीर्ति चक्र लेने के बाद स्मृति सिंह ने अंशुमन से पहली से आखिरी बात और मुलाकात के बारे में खुद बताया. इसे एक्स पर रक्षा मंत्रालय की तरफ से पोस्ट किया गया है. यह वायरल हो गया है. स्मृति सिंह के साहस, शौर्य, सूझबूझ और पति व देश के प्रति प्रेम ने हर किसी का दिल जीत लिया है. महज कुछ ही घंटों में एक्स पर हजारों कमेंट और शेयर इस वीडियो के हो चुके हैं

स्मृति सिंह ने वीडियो की शुरूआत में अंशुमन के बारे में बताते हुए कहा, “वह बहुत-बहुत सक्षम थे. वह मुझसे कहते थे कि मैं अपने सीने में गोली खाकर मरूंगा. मैं एक सामान्य मौत नहीं मरूंगा. ऐसा नहीं होगा कि मैं मरूं और किसी को पता नहीं चले. हम कॉलेज के पहले वर्ष में मिले थे. मैं ड्रामेटिक नहीं हो रही, लेकिन यह पहली नजर का प्यार था. एक महीने बाद उनका चयन आर्मड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज में हो गया. वह बहुत बुद्धिमान व्यक्ति थे. एक महीने की मुलाकात के बाद हमारा 8 वर्षों का लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन रहा.

अंशुमन की पत्नी ने कहा, “फिर हमने शादी कर ली और शादी के दो महीने बाद दुर्भाग्य से उनकी पोस्टिंग सियाचिन में हो गई. 18 जुलाई 2023 को उनका फोन आया तो हमने लंबी बातचीत की. हमने अगले 50 वर्षों में हमारा जीवन कैसा होगा? घर बनाना, बच्चे पैदा करना, और क्या नहीं बात की. 19 तारीख की सुबह मुझे फोन आया कि वह नहीं रहे. पहले 7-8 घंटों तक इसे मैंने स्वीकार नहीं किया कि ऐसा कुछ हुआ है, लेकिन 7-8 घंटे के बाद यह पुष्टि हो गई कि वह अब नहीं रहे…मैं अभी भी उन्हें ढूंढती हूं. हो सकता है कि यह सच न हो, लेकिन अब कीर्ति चक्र मेरे हाथ में है इसलिए यह सच है… लेकिन ठीक है. वह हीरो हैं. हम मैनेज कर लेंगे.

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