TV और यूट्यूब पर ऐसे गीतों की भरमार है। ऐसे में चंडीगढ़ के एक कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर पंडितराव धरेनवर ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से ऐसे गीतों को हटाए जाने की मांग की है। रविवार को सेक्टर 10 लेजर वैली में चल रहे कार्निवल में पंडितराव धरेनवर सिर पर प्लाकार्ड लेकर केंद्रीय मंत्री से यह मांग कर रहे हैं।
पंडितराव धरेनवर का कहना है कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का अक्सर चंडीगढ़ आना होता है। उनका मानना है कि उनकी आवाज केंद्रीय मंत्री तक जरूर जाएगी।
यह मांग है केंद्रीय मंत्री से
पंडितराव धरेनवर ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को कहा है कि टीवी चैनलों पर गन कल्चर, ड्रग्स और शराब को बढ़ावा देने वाले गानों को बंद करें। वहीं आगे कहा है कि यू ट्यूब से गन कल्चर और ड्रग्स को बढ़ावा देने वाले गानों को हटा दें। पंडितराव धरेनवर ने कहा कि ऐसे गीत बच्चों और युवाओं को प्रभावित करते हैं। टीवी पर ऐसे गीत चल रहे हैं। वहीं यूट्यूब पर भी ऐसे कई भड़काऊ गीत मौजूद हैं।
बता दें कि प्रोफेसर पंडितराव धरेनवर मूलरुप से कर्नाटक के हैं। वह पिछले कई सालों से पंजाबी गीतों में गन कल्चर, शराब और ड्रग्स के खिलाफ लड़ रहे हैं। उन्होंने इन गीतों को बैन किए जाने की मांग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका(PIL) भी दायर की थी। उसमें हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की संबंधित अथॉरिटी को आदेश दिए थे कि हिंसा और अश्लीलता फैलाने वाले गीतों पर रोक लगाए।
पंडितराव धरेनवर कई पंजाबी सिंगर्स पर भड़काऊ गीतों को लेकर कार्रवाई के लिए पुलिस का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं। वहीं दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के हथियारों वाले गीतों को रोकने के लिए उनके मानसा स्थित गांव भी गए थे। पंडितराव धरेनवर अक्सर चंडीगढ़ में प्लाकार्ड लेकर अभियान चलाते नजर आते हैं।
पंजाब में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए पिछले महीने पंजाब सरकार ने गानों में हथियारों को बढ़ावा देने और सार्वजनिक रूप से हथियारों का प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी थी। बता दें कि पंजाब में शादी समारोह में फायरिंग की कई घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसी ही एक घटना में गर्भवती डांसर की मौत भी हो गई थी।
पंडितराव धरेनवर पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज, सेक्टर 46 में सोशियोलॉजी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। वहीं PGI के दक्षिण भारतीय डॉक्टरों और नर्सों को पंजाबी भी सिखा चुके हैं। वहीं स्लम चिल्ड्रन के लिए भी काम कर रहे हैं। वर्ष 2003 में वह चंडीगढ़ शिफ्ट हुए थे। उनके स्टूडेंट इंग्लिश में अच्छे से कांसेप्ट को नहीं समझ पाते थे तो उन्होंने 2005 में पंजाबी सीखी।

