हथिनीकुंड बैराज पर मंगलवार देर शाम बाढ़ राहत अभ्यास के दौरान हुए नाव हादसे में लापता दो जवानों में से एक का शव 24 घंटे बाद बुधवार रात बरामद कर लिया गया. शव कोतवाली बेहट इलाके के असलमपुर बरथा गांव के पास मिला. देर रात तक शव की आधिकारिक रूप से शिनाख्त नहीं हो सकी थी. वहीं दूसरे लापता जवान की तलाश में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है.
आपको बटा दें कि मंगलवार देर शाम पैरा स्पेशल फोर्स के जवान बाढ़ राहत अभ्यास के लिए यमुना नदी में नाव से उतरे थे. नाव में कुल पांच जवान सवार थे. अभ्यास के दौरान नदी के बीच अचानक नाव में तकनीकी खराबी आ गई और उसका इंजन बंद हो गया.
इसी दौरान हथिनीकुंड बैराज के गेट से छोड़े जा रहे पानी का बहाव तेज होने के कारण नाव तेजी से बहने लगी. जवानों ने नाव को संभालने का प्रयास किया, लेकिन तेज धारा के आगे उनकी कोशिश काम नहीं आई और कुछ ही देर में नाव पलट गई.
नाव पलटने के बाद पांच जवानों में से तीन किसी तरह तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि दो जवान तेज बहाव में बह गए.
हादसा हरियाणा के यमुनानगर क्षेत्र में हुआ था. दोनों जवानों के लापता होने की सूचना मिलते ही हरियाणा और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया.
बुधवार रात करीब 24 घंटे बाद मिर्जापुर थाना क्षेत्र और बेहट क्षेत्र के बीच असलमपुर बरथा गांव के पास एक जवान का शव मिलने की सूचना मिली. शव मिलने की जानकारी से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया. पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू की.
मिर्जापुर थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि बुधवार देर रात तक शव की पहचान नहीं हो सकी थी. अधिकारियों की ओर से भी मृतक जवान की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई के साथ पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं.
हादसे के बाद से दूसरे लापता जवान की तलाश भी लगातार जारी है. नदी के तेज बहाव और लगातार बदलते जलस्तर के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. घटनाक्रम पर सेना और प्रशासनिक अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं.
